UPTET 2026 CDP Question Paper–Set 3 | प्रश्न, उत्तर व्याख्या

UPTET 2026 CDP Question Paper Set 3 में बाल विकास एवं शिक्षण विधि (Child Development & Pedagogy) के 30 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और आसान भाषा में व्याख्या दी गई है, जिससे अभ्यर्थी प्रश्न के उत्तर के साथ संबंधित CDP concept को भी समझ सकें।

इस Set 3 में मुख्य रूप से किशोरावस्था, भावनात्मक विकास, पहचान निर्माण, सहपाठी समूह, पारस्परिक उत्तरदायित्व, विकास एवं पर्यावरण, पूर्व ज्ञान, स्व-पूर्ति भविष्यवाणी और तत्परता का नियम जैसे महत्वपूर्ण विषयों से प्रश्न शामिल हैं।

इसके अलावा इस सेट में सुदृढ़ीकरण अनुसूची, थॉर्नडाइक का प्रभाव का नियम, आंतरिक प्रेरणा, भावनात्मक असुरक्षा, वाइगोत्स्की का सामाजिक अंतःक्रिया सिद्धांत, प्रभावी कक्षा-संचार और आधुनिक शिक्षक की भूमिका से जुड़े प्रश्न भी दिए गए हैं।

Set 3 में वैचारिक परिवर्तन, लचीला मूल्यांकन, किशोरों के लिए मार्गदर्शन, पहचान निर्माण, अंतर्दृष्टि अधिगम, सीखने का वक्र, आत्म-नियमन, कार्यशील स्मृति और परिकल्पना-निगमनात्मक तर्क जैसे महत्वपूर्ण CDP concepts को भी शामिल किया गया है।

इसके साथ ही विकास उन्मुखीकरण (Growth Orientation), अधिगम अक्षमता, संरचित प्रतिक्रिया एवं रणनीति प्रशिक्षण, परामर्श में गोपनीयता और भावनात्मक सुरक्षा से संबंधित प्रश्न भी इस अभ्यास सेट का हिस्सा हैं।

यह UPTET CDP Set 3 अभ्यर्थियों को बाल विकास एवं शिक्षण विधि के महत्वपूर्ण concepts को दोहराने और objective questions का अभ्यास करने में सहायता कर सकता है। प्रत्येक प्रश्न की व्याख्या के माध्यम से संबंधित विषय को समझकर परीक्षा की तैयारी को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकता है।

UPTET 2026 CDP Quiz – Set 3

1. किशोरावस्था में भावनात्मक अलगाव इस बात की आवश्यकता का संकेत हो सकता है:

(A) प्रतिस्पर्धा
(B) पृथक्करण
(C) परामर्श हस्तक्षेप
(D) दंड

व्याख्या
सही उत्तर: (C) परामर्श हस्तक्षेप व्याख्या : किशोरावस्था में भावनात्मक अलगाव या सामाजिक दूरी कभी-कभी किशोर की भावनात्मक कठिनाइयों और समायोजन संबंधी समस्याओं का संकेत हो सकती है। ऐसी स्थिति में परामर्श हस्तक्षेप किशोर की भावनाओं और समस्याओं को समझने तथा उसे उचित भावनात्मक सहयोग एवं मार्गदर्शन देने में सहायक होता है।

2. प्रारंभिक किशोरावस्था के दौरान, पहचान निर्माण काफी हद तक इस से प्रभावित होता है:

(A) सहकर्मी समूह की बातचीत
(B) कंडीशनिंग
(C) प्रतिक्रिया
(D) जीन

व्याख्या
सही उत्तर: (A) सहकर्मी समूह की बातचीत : व्याख्या : प्रारंभिक किशोरावस्था में व्यक्ति अपनी पहचान (Identity) के विकास की महत्वपूर्ण अवस्था में होता है। इस दौरान सहकर्मी समूह के साथ बातचीत, सामाजिक संबंध और साथियों की स्वीकृति उसके विचारों, व्यवहार और आत्म-पहचान को प्रभावित करते हैं। इसलिए पहचान निर्माण में सहकर्मी समूह की बातचीत की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

3. किशोरावस्था में साथियों द्वारा मध्यस्थता से सीखना इसे बढ़ावा देता है:

(A) पृथक्करण
(B) पारस्परिक उत्तरदायित्व
(C) प्रतिस्पर्धा
(D) पदानुक्रम

व्याख्या
सही उत्तर: (B) पारस्परिक उत्तरदायित्व : व्याख्या : साथियों द्वारा मध्यस्थता से सीखने में विद्यार्थी एक-दूसरे की सहायता करते हैं, विचारों का आदान-प्रदान करते हैं और सीखने की प्रक्रिया में एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी निभाते हैं। इस प्रकार का सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) किशोरों में पारस्परिक उत्तरदायित्व और सामाजिक कौशल को बढ़ावा देता है।

4. विकास के सिद्धांत के अनुसार, एक व्यक्ति से आकार लेता है।

(A) पर्यावरण के साथ निरंतर संपर्क
(B) केवल आनुवंशिक कारक
(C) केवल पर्यावरणीय कारक
(D) केवल स्कूली शिक्षा

व्याख्या
सही उत्तर: (A) पर्यावरण के साथ निरंतर संपर्क : व्याख्या : बाल विकास एक गतिशील और निरंतर प्रक्रिया है, जो व्यक्ति और उसके पर्यावरण के बीच निरंतर अंतःक्रिया से प्रभावित होती है। आनुवंशिकता तथा पर्यावरण दोनों विकास में योगदान देते हैं, इसलिए विकास को केवल आनुवंशिक या केवल पर्यावरणीय कारकों से समझना उचित नहीं है।

5. शिक्षण सत्र में, परिचयात्मक चरण का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित होता है:

(A) मूल्यांकन करना
(B) गृहकार्य देना
(C) पाठ समाप्त करना
(D) पिछली जानकारी को नई सामग्री से जोड़ना

व्याख्या
सही उत्तर: (D) पिछली जानकारी को नई सामग्री से जोड़ना : व्याख्या : शिक्षण के परिचयात्मक चरण में शिक्षक विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान (Previous Knowledge) को सक्रिय करता है और उसे नई विषय-वस्तु से जोड़ता है। इससे विद्यार्थी नई जानकारी को पहले से सीखी हुई बातों के संदर्भ में आसानी से समझ और ग्रहण कर पाते हैं।

6. किसी छात्र को ‘धीमा सीखने वाला’ लेबल करने के परिणामस्वरूप हो सकता है:

(A) स्व-पूर्ति भविष्यवाणी
(B) शैक्षणिक विकास
(C) बेहतर प्रेरणा
(D) स्वस्थ प्रतिस्पर्धा

व्याख्या
सही उत्तर: (A) स्व-पूर्ति भविष्यवाणी : व्याख्या : किसी विद्यार्थी को बार-बार ‘धीमा सीखने वाला’ कहकर लेबल करने से उसके प्रति शिक्षक और अन्य विद्यार्थियों की अपेक्षाएँ नकारात्मक हो सकती हैं। इससे विद्यार्थी भी अपने बारे में कम क्षमता की धारणा विकसित कर सकता है और उसी के अनुरूप प्रदर्शन करने लग सकता है। इसे स्व-पूर्ति भविष्यवाणी (Self-fulfilling Prophecy) कहा जाता है।

7. किशोरावस्था में तत्परता के नियम का अर्थ है कि शिक्षण कोः

(A) विकास की अवस्था को नज़रअंदाज़ करना चाहिए
(B) याद करने पर ज़ोर देना चाहिए
(C) केवल पाठ्यक्रम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए
(D) किशोर के मानसिक विकास के स्तर और समझने की क्षमता के अनुरूप होना चाहिए

व्याख्या
सही उत्तर: (D) किशोर के मानसिक विकास के स्तर और समझने की क्षमता के अनुरूप होना चाहिए : व्याख्या : तत्परता का नियम (Law of Readiness) बताता है कि सीखना तब अधिक प्रभावी होता है जब शिक्षार्थी मानसिक और शारीरिक रूप से सीखने के लिए तैयार हो। इसलिए किशोरों को पढ़ाते समय उनकी विकासात्मक अवस्था, मानसिक स्तर और समझने की क्षमता को ध्यान में रखकर शिक्षण करना चाहिए।

8. किशोरावस्था में, वह सुदृढ़ीकरण जो आंतरिक प्रेरणा को बढ़ाता है, उसेः

(A) धमकी भरा होना चाहिए
(B) व्यवहार को अत्यधिक नियंत्रित करने के बजाय मार्गदर्शन और प्रोत्साहन प्रदान करना चाहिए
(C) फीडबैक की जगह लेनी चाहिए
(D) अत्यधिक होना चाहिए

व्याख्या
सही उत्तर: (B) व्यवहार को अत्यधिक नियंत्रित करने के बजाय मार्गदर्शन और प्रोत्साहन प्रदान करना चाहिए : व्याख्या : आंतरिक प्रेरणा तब मजबूत होती है जब विद्यार्थी को अपने कार्य में स्वायत्तता, क्षमता और सकारात्मक प्रोत्साहन का अनुभव होता है। इसलिए सुदृढ़ीकरण का उद्देश्य विद्यार्थी के व्यवहार को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि उसे उचित मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देकर सीखने के लिए प्रेरित करना होना चाहिए।

9. सुदृढ़ीकरण अनुसूचियाँ इस को प्रभावित करती हैं:

(A) प्रतिवर्त
(B) अंतर्दृष्टि
(C) प्रतिक्रिया की गति और दृढ़ता
(D) परिपक्वता

व्याख्या
सही उत्तर: (C) प्रतिक्रिया की गति और दृढ़ता (A) : व्याख्या : व्यवहारवादी अधिगम सिद्धांत में सुदृढ़ीकरण अनुसूची (Reinforcement Schedule) यह निर्धारित करती है कि किसी व्यवहार को कब और कितनी बार सुदृढ़ किया जाएगा। इसका प्रभाव विद्यार्थी की प्रतिक्रिया की गति तथा व्यवहार की दृढ़ता पर पड़ता है।

10. प्रभाव का नियम कक्षा में विशेष रूप से उपयोगी है:

(A) नैतिक विकास
(B) व्यवहार प्रबंधन
(C) अमूर्त चिंतन
(D) वैचारिक तर्क

व्याख्या
सही उत्तर: (B) व्यवहार प्रबंधन : व्याख्या : थॉर्नडाइक के प्रभाव के नियम (Law of Effect) के अनुसार, जिस व्यवहार के बाद संतोषजनक परिणाम मिलता है, उसके दोहराए जाने की संभावना बढ़ जाती है। कक्षा में सकारात्मक परिणाम और प्रोत्साहन के माध्यम से वांछित व्यवहार को बढ़ावा देने के कारण यह सिद्धांत व्यवहार प्रबंधन में विशेष रूप से उपयोगी है।

11. अत्यधिक प्रतिस्पर्धा कम कर सकती है:

(A) प्रतिक्रियात्मक क्रियाएँ
(B) ऊंचाई
(C) संवेदी स्मृति
(D) आंतरिक प्रेरणा

व्याख्या
सही उत्तर: (D) आंतरिक प्रेरणा : व्याख्या : अत्यधिक प्रतिस्पर्धा में विद्यार्थी सीखने की रुचि के बजाय पुरस्कार, रैंक या दूसरों से आगे निकलने पर अधिक ध्यान दे सकता है। इससे सीखने की स्वाभाविक रुचि और आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation) कम हो सकती है।

12. भावनात्मक असुरक्षा का परिणाम हो सकता है।

(A) कम एकाग्रता
(B) बेहतर ग्रेड
(C) उच्च स्वायत्तता
(D) तार्किक तर्क

व्याख्या
सही उत्तर: (A) कम एकाग्रता : व्याख्या : भावनात्मक असुरक्षा, चिंता और तनाव विद्यार्थी के मानसिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। इससे उसका ध्यान सीखने के कार्य पर केंद्रित करना कठिन हो जाता है और एकाग्रता तथा शैक्षणिक प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

13. वाइगोत्स्की का मानना था कि अधिगम सबसे अच्छी तरह से होता है;

(A) सामाजिक अंतःक्रिया के माध्यम से
(B) अनुकूलन के माध्यम से
(C) दंड के माध्यम से
(D) अंतर्दृष्टि के माध्यम से

व्याख्या
सही उत्तर: (A) सामाजिक अंतःक्रिया के माध्यम से : व्याख्या : लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, बालक का अधिगम सामाजिक एवं सांस्कृतिक वातावरण में दूसरों के साथ अंतःक्रिया के माध्यम से विकसित होता है। शिक्षक, अभिभावक और अधिक सक्षम साथियों का सहयोग सीखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

14. कक्षा शिक्षण में प्रभावी संचार का एक अच्छा उदाहरण निम्नलिखित में से कौन सा है?

(A) छात्रों की प्रतिक्रियाओं पर नज़र रखना और शिक्षण विधि को समायोजित करना
(B) छात्रों की समझ की परवाह किए बिना व्याख्यान जारी रखना
(C) केवल पाठ्यक्रम पर ध्यान केंद्रित करना
(D) प्रतिक्रिया टालना

व्याख्या
सही उत्तर: (A) छात्रों की प्रतिक्रियाओं पर नज़र रखना और शिक्षण विधि को समायोजित करना : व्याख्या : प्रभावी कक्षा-संचार में केवल शिक्षक द्वारा जानकारी देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया और समझ को जानना भी आवश्यक है। विद्यार्थियों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर शिक्षण विधि में आवश्यक बदलाव करना प्रभावी एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण को बढ़ावा देता है।

15. आधुनिक शिक्षा में शिक्षण को सबसे अच्छी तरह इस रूप में समझा जा सकता है:

(A) पाठ्यक्रम को शीघ्रता से पूरा करना
(B) छात्रों में अनुशासन स्थापित करना
(C) सीखने के अनुभवों को सुगम बनाना
(D) छात्रों को अद्यतन जानकारी प्रदान करना

व्याख्या
सही उत्तर: (C) सीखने के अनुभवों को सुगम बनाना : व्याख्या : आधुनिक शिक्षा में शिक्षक की भूमिका केवल जानकारी प्रदान करने या पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है। शिक्षक एक सुविधादाता (Facilitator) के रूप में विद्यार्थियों को सीखने के अवसर, उचित वातावरण और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करता है, जिससे विद्यार्थी सक्रिय रूप से ज्ञान का निर्माण कर सकें।

16. किशोरों के लिए एक अच्छे सूत्रधार को चाहिए:

(A) चर्चाओं पर हावी होना
(B) स्वतंत्र सोच को प्रोत्साहित करना
(C) बातचीत से बचना
(D) सवाल पूछने पर सज़ा देना

व्याख्या
सही उत्तर: (B) स्वतंत्र सोच को प्रोत्साहित करना : व्याख्या : किशोरावस्था में विद्यार्थियों में तर्क, विचार और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। एक अच्छा सूत्रधार विद्यार्थियों को अपने विचार व्यक्त करने, प्रश्न पूछने और स्वतंत्र रूप से सोचने के अवसर देता है। इससे उनकी आलोचनात्मक एवं स्वतंत्र चिंतन क्षमता का विकास होता है।

17. किशोरावस्था में वैचारिक परिवर्तन के लिए की आवश्यकता होती है:

(A) मौन
(B) पूर्व धारणा का खंडन
(C) स्मरण
(D) बढ़ी हुई पुनरावृत्ति

व्याख्या
सही उत्तर: (B) पूर्व धारणा का खंडन : व्याख्या : वैचारिक परिवर्तन तब होता है जब विद्यार्थी अपनी पूर्व धारणाओं या गलत अवधारणाओं को नई जानकारी और प्रमाणों के आधार पर पुनः जाँचता है। पुरानी धारणा और नई समझ के बीच उत्पन्न असंगति विद्यार्थी को अपनी अवधारणा में परिवर्तन करने के लिए प्रेरित कर सकती है।

18. लचीला मूल्यांकन समावेशन का समर्थन करता है क्योंकि यह

(A) सीखने के समान प्रदर्शन को सुनिश्चित करता है
(B) अनुचित लाभ को बढ़ावा देता है
(C) सभी मूल्यांकन को समाप्त करता है
(D) पक्षपात को प्रोत्साहित करता है

व्याख्या
सही उत्तर: (A) सीखने के समान प्रदर्शन को सुनिश्चित करता है : व्याख्या : समावेशी शिक्षा में विद्यार्थियों की क्षमताओं, आवश्यकताओं और सीखने की विविध शैलियों को ध्यान में रखना आवश्यक है। लचीला मूल्यांकन विद्यार्थियों को अपनी समझ और सीखने को उपयुक्त तरीके से प्रदर्शित करने के अवसर देता है, जिससे मूल्यांकन में समानता और निष्पक्षता को बढ़ावा मिलता है।

19. 12-14 वर्ष की आयु में मार्गदर्शन सेवाओं को विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए:

(A) मोटर कौशल
(B) भावनात्मक विनियमन और सहपाठी संबंध
(C) करियर का अंतिमकरण
(D) प्रतिवर्त

व्याख्या
सही उत्तर: (B) भावनात्मक विनियमन और सहपाठी संबंध : व्याख्या : 12–14 वर्ष की आयु किशोरावस्था के प्रारंभिक चरण से संबंधित है। इस अवधि में भावनात्मक परिवर्तन, आत्म-पहचान और सहपाठी संबंध विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाते हैं। इसलिए मार्गदर्शन सेवाओं को किशोरों की भावनाओं को समझने और नियंत्रित करने तथा स्वस्थ सहपाठी संबंध विकसित करने में सहायता करनी चाहिए।

20. किशोरावस्था (12-14 वर्ष) के दौरान, समावेशन को विशेष रूप से का समर्थन करना चाहिए।

(A) संवेदी-प्रेरक विकास
(B) सहज प्रवृत्ति पर नियंत्रण
(C) प्रतिक्रियात्मक विकास
(D) पहचान निर्माण

व्याख्या
सही उत्तर: (D) पहचान निर्माण : व्याख्या : किशोरावस्था में विद्यार्थी अपने स्वरूप, क्षमताओं, रुचियों और सामाजिक भूमिका को समझने तथा अपनी पहचान विकसित करने की प्रक्रिया में होता है। समावेशी वातावरण प्रत्येक विद्यार्थी को स्वीकार्यता, सहभागिता और समान अवसर प्रदान करता है, जिससे स्वस्थ पहचान निर्माण को समर्थन मिलता है।

21. एक छात्र चरों के बीच के संबंधों की कल्पना करने के बाद अचानक भौतिकी की एक अवधारणा को समझ जाता है। यह दर्शाता है।

(A) स्फूर्त अनुकूलन
(B) अंतर्दृष्टि अधिगम
(C) नकारात्मक सुदृढीकरण
(D) शास्त्रीय अनुकूलन

व्याख्या
सही उत्तर: (B) अंतर्दृष्टि अधिगम : व्याख्या : जब विद्यार्थी किसी समस्या के विभिन्न तत्वों के बीच संबंध को अचानक समझकर समाधान प्राप्त करता है, तो इसे अंतर्दृष्टि अधिगम (Insight Learning) कहा जाता है। यह अवधारणा विशेष रूप से वोल्फगैंग कोहलर के कार्य से जुड़ी है, जिसमें समस्या के समाधान के लिए अचानक संबंधों की समझ विकसित होती है।

22. एक स्थिर, ऊपर की ओर बढ़ता हुआ सीखने का वक्र दर्शाता हैः

(A) पठार
(B) प्रभावी अधिगम
(C) प्रतिगमन
(D) सीखने में विफलता

व्याख्या
सही उत्तर: (B) प्रभावी अधिगम : व्याख्या : सीखने का वक्र यदि लगातार और स्थिर रूप से ऊपर की ओर बढ़ रहा है, तो यह दर्शाता है कि विद्यार्थी के अधिगम और प्रदर्शन में निरंतर सुधार हो रहा है। इसलिए ऐसा वक्र प्रभावी अधिगम का संकेत माना जाता है।

23. एक उच्च क्षमता वाला छात्र टालमटोल के कारण बार-बार कार्य समय पर पूरा करने में असफल रहता है। यह सबसे अधिक संभावना किसमें कठिनाई को दर्शाता है:

(A) संवेदी क्षति
(B) बुद्धि की कमी
(C) आत्म-नियमन में कठिनाई
(D) श्रवण क्षमता

व्याख्या
सही उत्तर: (C) आत्म-नियमन में कठिनाई : व्याख्या : टालमटोल के कारण कार्य को समय पर पूरा न कर पाना सामान्यतः विद्यार्थी की बुद्धि या क्षमता की कमी को नहीं दर्शाता। यह आत्म-नियमन (Self-regulation), समय प्रबंधन और कार्य को व्यवस्थित करने में कठिनाई से संबंधित हो सकता है। उच्च क्षमता वाला विद्यार्थी भी इन कौशलों की कमी के कारण अपने प्रदर्शन में कठिनाई अनुभव कर सकता है।

24. परीक्षा के दौरान जब भावनाएं तर्कशक्ति पर हावी हो जाती हैं, तो प्रभावित होने वाली प्राथमिक संज्ञानात्मक प्रक्रिया यह होती है:

(A) कार्यशील स्मृति
(B) मोटर समन्वय
(C) संवेदी स्मृति
(D) प्रतिवर्त क्रियाएं

व्याख्या
सही उत्तर: (A) कार्यशील स्मृति : व्याख्या : परीक्षा के दौरान अत्यधिक चिंता या भावनात्मक उत्तेजना विद्यार्थी की कार्यशील स्मृति (Working Memory) को प्रभावित कर सकती है। कार्यशील स्मृति का उपयोग जानकारी को कुछ समय के लिए सक्रिय रखकर उस पर विचार करने और तर्क करने में किया जाता है। इसलिए अत्यधिक भावनात्मक तनाव समस्या-समाधान और तर्कशक्ति को प्रभावित कर सकता है।

25. एक किशोर द्वारा परिकल्पना परीक्षण के माध्यम से वैज्ञानिक समस्या का समाधान करना यह दर्शाता है:

(A) अभ्यास का नियम
(B) शास्त्रीय अनुकूलन
(C) परिकल्पना-निगमनात्मक तर्क
(D) नकारात्मक सुदृढ़ीकरण

व्याख्या
सही उत्तर: (C) परिकल्पना-निगमनात्मक तर्क : व्याख्या : जब विद्यार्थी किसी समस्या के समाधान के लिए परिकल्पना बनाता है, उससे संभावित निष्कर्ष निकालता है और फिर प्रमाण या प्रयोग के माध्यम से उसका परीक्षण करता है, तो इसे परिकल्पना-निगमनात्मक तर्क कहा जाता है। यह किशोरावस्था में विकसित होने वाली उच्च स्तरीय तार्किक सोच से संबंधित है।

26. मध्यम स्तर की भावनात्मक उत्तेजना सुधारती है:

(A) निकासी
(B) सीखने के प्रदर्शन
(C) भ्रम
(D) परिहार

व्याख्या
सही उत्तर: (B) सीखने के प्रदर्शन : व्याख्या : मध्यम स्तर की भावनात्मक उत्तेजना या जागरूकता व्यक्ति को कार्य के प्रति सतर्क, सक्रिय और केंद्रित रखने में सहायक हो सकती है। इसके कारण सीखने और प्रदर्शन में सुधार हो सकता है। हालांकि अत्यधिक उत्तेजना या तनाव प्रदर्शन को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।

27. वे किशोर जो असफलता का कारण क्षमता के बजाय प्रयास की कमी को मानते हैं, उनमें प्रदर्शित होने की संभावना होती है:

(A) परिहार
(B) सीखी हुई लाचारी
(C) विकास उन्मुखीकरण
(D) स्थिर मानसिकता

व्याख्या
सही उत्तर: (C) विकास उन्मुखीकरण : व्याख्या : यदि विद्यार्थी असफलता को प्रयास की कमी से जोड़ता है, तो वह मानता है कि अधिक प्रयास, उचित रणनीति और अभ्यास से प्रदर्शन में सुधार किया जा सकता है। यह विकास मानसिकता/विकास उन्मुखीकरण (Growth Orientation) की विशेषता है। इसके विपरीत, क्षमता को स्थिर मानना स्थिर मानसिकता से संबंधित है।

28. अधिगम अक्षमता वाले किशोरों को सबसे अधिक लाभ किससे होता है:

(A) स्कूल से निष्कासन
(B) प्रतिस्पर्धा
(C) संरचित प्रतिक्रिया और रणनीति प्रशिक्षण
(D) सार्वजनिक सुधार

व्याख्या
सही उत्तर: (C) संरचित प्रतिक्रिया और रणनीति प्रशिक्षण : व्याख्या : अधिगम अक्षमता वाले विद्यार्थियों को उनकी विशिष्ट सीखने की आवश्यकताओं के अनुसार संरचित, स्पष्ट और नियमित प्रतिक्रिया तथा उपयुक्त अधिगम रणनीतियों का प्रशिक्षण देना अधिक प्रभावी होता है। इससे वे अपनी कठिनाइयों को समझकर बेहतर सीखने की रणनीतियाँ विकसित कर सकते हैं।

29. परामर्श के दौरान गोपनीयता सुनिश्चित करने वाला शिक्षक यह दर्शाता है:

(A) पेशेवर नैतिकता
(B) अधिकार
(C) पक्षपात
(D) प्रतिस्पर्धा

व्याख्या
सही उत्तर: (A) पेशेवर नैतिकता : व्याख्या : परामर्श प्रक्रिया में विद्यार्थी द्वारा साझा की गई व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना शिक्षक की महत्वपूर्ण पेशेवर जिम्मेदारी है। यह विद्यार्थी के विश्वास और सम्मान को बनाए रखने के साथ-साथ पेशेवर नैतिकता का पालन भी दर्शाता है।

30. कौन सा कारक बच्चों में भावनात्मक सुरक्षा से सबसे अधिक निकटता से जुड़ा हुआ है?

(A) अधिकारपूर्ण पालन-पोषण
(B) सख्त सज़ा
(C) प्रतियोगी परीक्षाएँ
(D) अलगाव

व्याख्या
सही उत्तर: (A) अधिकारपूर्ण पालन-पोषण : व्याख्या : अधिकारपूर्ण पालन-पोषण (Authoritative Parenting) में स्नेह, उचित अनुशासन, स्पष्ट अपेक्षाएँ और बच्चे की भावनाओं एवं विचारों का सम्मान शामिल होता है। ऐसा संतुलित और सहयोगी वातावरण बच्चों में सुरक्षा, आत्मविश्वास और भावनात्मक स्थिरता के विकास में सहायक होता है।

FAQ – UPTET 2026 CDP Question Paper Set 3

1. UPTET 2026 CDP Question Paper Set 3 में कितने प्रश्न हैं?

UPTET 2026 CDP Question Paper Set 3 में बाल विकास एवं शिक्षण विधि के कुल 30 बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं।

2. क्या Set 3 में सही उत्तर और व्याख्या दी गई है?

हाँ, Set 3 के प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और आसान भाषा में व्याख्या दी गई है।

3. UPTET CDP Set 3 में किन प्रमुख topics से प्रश्न हैं?

इस सेट में किशोरावस्था, पहचान निर्माण, सहपाठी संबंध, भावनात्मक विकास, पूर्व ज्ञान, स्व-पूर्ति भविष्यवाणी, तत्परता का नियम, सुदृढ़ीकरण, प्रेरणा और आत्म-नियमन जैसे topics शामिल हैं।

4. क्या Set 3 में किशोरावस्था से संबंधित प्रश्न हैं?

हाँ, इस सेट में किशोरावस्था के भावनात्मक अलगाव, पहचान निर्माण, सहपाठी समूह, भावनात्मक विनियमन, पहचान निर्माण और संज्ञानात्मक विकास से संबंधित प्रश्न शामिल हैं।

5. क्या Set 3 में थॉर्नडाइक और वाइगोत्स्की से संबंधित प्रश्न हैं?

हाँ, Set 3 में थॉर्नडाइक के प्रभाव के नियम और तत्परता के नियम तथा वाइगोत्स्की के सामाजिक अंतःक्रिया सिद्धांत से संबंधित प्रश्न दिए गए हैं।

6. क्या Set 3 में Motivation और Reinforcement से जुड़े प्रश्न हैं?

हाँ, इसमें आंतरिक प्रेरणा, सुदृढ़ीकरण अनुसूची, प्रभाव का नियम और अत्यधिक प्रतिस्पर्धा के प्रभाव से संबंधित प्रश्न शामिल हैं।

7. क्या Set 3 में Insight Learning से संबंधित प्रश्न है?

हाँ, एक प्रश्न में विद्यार्थी द्वारा संबंधों को समझकर अचानक समस्या का समाधान प्राप्त करने की स्थिति को अंतर्दृष्टि अधिगम (Insight Learning) से जोड़ा गया है।

8. क्या Set 3 में Self-Regulation से संबंधित प्रश्न हैं?

हाँ, Set 3 में टालमटोल के कारण कार्य समय पर पूरा न कर पाने की स्थिति को आत्म-नियमन (Self-Regulation) में कठिनाई से संबंधित किया गया है।

9. क्या Set 3 में किशोरों की संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं से प्रश्न हैं?

हाँ, इसमें कार्यशील स्मृति, परिकल्पना-निगमनात्मक तर्क, वैचारिक परिवर्तन और भावनात्मक उत्तेजना जैसे संज्ञानात्मक विषयों से प्रश्न शामिल हैं।

10. क्या Set 3 में समावेशी शिक्षा और अधिगम अक्षमता से संबंधित प्रश्न हैं?

हाँ, इसमें लचीला मूल्यांकन, अधिगम अक्षमता वाले किशोरों के लिए संरचित प्रतिक्रिया और रणनीति प्रशिक्षण जैसे विषयों से प्रश्न दिए गए हैं।

11. क्या Set 3 में Growth Orientation से संबंधित प्रश्न है?

हाँ, इसमें असफलता को क्षमता की कमी के बजाय प्रयास की कमी से जोड़ने वाले विद्यार्थी के संदर्भ में विकास उन्मुखीकरण (Growth Orientation) से संबंधित प्रश्न शामिल है।

12. क्या Set 3 में शिक्षक की पेशेवर नैतिकता से संबंधित प्रश्न है?

हाँ, परामर्श के दौरान विद्यार्थी की व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने से संबंधित प्रश्न दिया गया है, जिसे पेशेवर नैतिकता से जोड़ा गया है।

13. UPTET CDP Set 3 का अभ्यास कैसे करें?

पहले सभी 30 प्रश्नों को बिना उत्तर देखे हल करें। इसके बाद सही उत्तर से मिलान करें और प्रत्येक प्रश्न की व्याख्या पढ़कर संबंधित CDP concept का revision करें।