UPTET 2026 CDP Question Paper–Set 2 | प्रश्न, उत्तर-व्याख्या

UPTET 2026 CDP Question Paper – Set 2 में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Child Development and Pedagogy) से संबंधित 30 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं। यह सेट UPTET 2026 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को CDP के विभिन्न महत्वपूर्ण concepts का अभ्यास करने और अपनी समझ को परखने में मदद करेगा।

इस सेट में समावेशी शिक्षा, विशेष आवश्यकता वाले शिक्षार्थी, किशोरावस्था, अधिगम सिद्धांत, प्रेरणा, संज्ञानात्मक विकास, शिक्षण के सिद्धांत और विकास में आनुवंशिकता एवं पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों से प्रश्न शामिल किए गए हैं।

सेट में श्रवण बाधित एवं दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए उपयोगी शिक्षण सहायता, अधिगम अक्षमता की पहचान, समावेशी शिक्षा में सहायता और कार्यात्मक व्यवहार मूल्यांकन जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है। इससे अभ्यर्थियों को अलग-अलग शिक्षार्थियों की आवश्यकताओं और उनके लिए उपयुक्त शिक्षण रणनीतियों को समझने में सहायता मिल सकती है।

इस पेज पर नकारात्मक सुदृढ़ीकरण, स्फूर्त अनुकूलन, शास्त्रीय अनुकूलन, सकारात्मक सुदृढ़ीकरण, जांच-आधारित अधिगम और संदर्भित अधिगम जैसे महत्वपूर्ण अधिगम एवं व्यवहार संबंधी concepts पर भी प्रश्न दिए गए हैं।

इसके अलावा किशोरावस्था में अमूर्त चिंतन, नैतिक तर्क, पहचान की खोज, हार्मोनल परिवर्तन, आत्मसम्मान, स्वायत्तता, सामाजिक एकीकरण और आत्म-चेतना से संबंधित प्रश्न भी शामिल हैं।

प्रश्नों के साथ चार विकल्प, सही उत्तर और आसान भाषा में व्याख्या दी गई है। आप पहले प्रत्येक प्रश्न को स्वयं हल करें और उसके बाद उत्तर एवं व्याख्या देखकर अपनी तैयारी को जांचें। जिन प्रश्नों में गलती हो, उनकी व्याख्या पढ़कर संबंधित concept का दोबारा revision करना उपयोगी रहेगा।

इस सेट में पियाजे के औपचारिक संक्रियात्मक चरण, वायगोत्स्की का सामाजिक अधिगम एवं ZPD, आनुवंशिकता और पर्यावरण, शिक्षण की प्रभावशीलता तथा अधिगम उद्देश्यों के अनुरूप शिक्षण विधियों से संबंधित प्रश्न भी शामिल हैं।

UPTET 2026 CDP Quiz – Set 2

1. एक श्रवण बाधित किशोर को सबसे अधिक लाभ मिलता है :

(A) समान मूल्यांकन
(B) अलगाव
(C) केवल मौखिक व्याख्यान
(D) दृश्य संकेत और लिखित सहायता

व्याख्या
सही उत्तर: (D) दृश्य संकेत और लिखित सहायता : व्याख्या : श्रवण बाधित (Hearing Impaired) किशोर सुनने में कठिनाई के कारण केवल मौखिक शिक्षण से पूरी जानकारी प्राप्त नहीं कर पाते। इसलिए चित्र, चार्ट, सांकेतिक भाषा, वीडियो, प्रोजेक्टर तथा लिखित नोट्स जैसे दृश्य एवं लिखित माध्यम उनके अधिगम को अधिक प्रभावी बनाते हैं। समावेशी शिक्षा में ऐसे सहायक साधनों का उपयोग आवश्यक माना जाता है।

2. नकारात्मक सुदृढ़ीकरण दंड से इस प्रकार भिन्न है क्योंकि यह :

(A) सीखने की गति को स्थिर कर देता है
(B) सीखने की प्रक्रिया को रोकता है
(C) प्रतिक्रियाओं को बढ़ाता है
(D) प्रतिक्रियाओं को कम करता है

व्याख्या
सही उत्तर: (C) प्रतिक्रियाओं को बढ़ाता है व्याख्या : नकारात्मक सुदृढ़ीकरण (Negative Reinforcement) में किसी अप्रिय स्थिति को हटाकर वांछित व्यवहार को बढ़ावा दिया जाता है। इसका उद्देश्य सही व्यवहार की पुनरावृत्ति कराना होता है। जबकि दंड (Punishment) का उद्देश्य अवांछित व्यवहार को कम करना होता है। इसलिए दोनों की अवधारणा अलग-अलग है।

3. किशोरों में अधिगम अक्षमता की शीघ्र पहचान से मदद मिलती है :

(A) सभी के लिए अपेक्षाओं को कम करने में
(B) आवश्यकता वाले छात्रों को अलग करने में
(C) समय पर हस्तक्षेप प्रदान करने में
(D) स्थायी रूप से ठप्पा लगाने में

व्याख्या
सही उत्तर: (C) समय पर हस्तक्षेप प्रदान करने में : व्याख्या : अधिगम अक्षमता (Learning Disability) की समय पर पहचान होने से विद्यार्थियों को उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching), विशेष सहायता एवं उचित मार्गदर्शन शीघ्र उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे उनकी सीखने की कठिनाइयों को कम किया जा सकता है तथा उनका आत्मविश्वास और शैक्षणिक प्रदर्शन बेहतर होता है।

4. एक ऐसा सुविधाकार जो समूह चर्चा और सुदृढ़ीकरण को जोड़ता है, वह इसका उपयोग कर रहा है :

(A) केवल अभ्यास का नियम
(B) केवल गेस्टाल्ट अधिगम
(C) केवल शास्त्रीय अनुकूलन
(D) व्यवहारवाद और सामाजिक रचनावाद

व्याख्या
सही उत्तर: (D) व्यवहारवाद और सामाजिक रचनावाद : व्याख्या : समूह चर्चा सामाजिक रचनावाद (Social Constructivism) का प्रमुख माध्यम है, जिसमें विद्यार्थी आपसी संवाद द्वारा ज्ञान का निर्माण करते हैं। वहीं सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) व्यवहारवाद (Behaviorism) का मुख्य सिद्धांत है। इन दोनों का संयुक्त प्रयोग विद्यार्थियों के प्रभावी अधिगम को बढ़ावा देता है।

5. किशोरों की नैतिक तर्क क्षमता बढ़ती है, कारण से :

(A) शारीरिक ऊंचाई
(B) संवेदी विकास
(C) अमूर्त चिंतन
(D) प्रतिक्रियाशील परिपक्वता

व्याख्या
सही उत्तर: (C) अमूर्त चिंतन : व्याख्या : किशोरावस्था में अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) का विकास होता है, जिससे किशोर सही-गलत, न्याय, नैतिकता तथा सामाजिक मूल्यों पर तार्किक रूप से विचार करने लगते हैं। यही क्षमता उनकी नैतिक तर्कशक्ति को विकसित करती है।

6. किशोरावस्था के दौरान भावनात्मक उतार-चढ़ाव काफी हद तक प्रभावित होते हैं :

(A) ऊंचाई में अंतर
(B) प्रतिवर्ती विकास
(C) हार्मोनल परिवर्तन
(D) केवल आनुवंशिकता

व्याख्या
सही उत्तर: (C) हार्मोनल परिवर्तन : व्याख्या : किशोरावस्था में शरीर में विभिन्न हार्मोनों का तीव्र परिवर्तन होता है। यही परिवर्तन भावनाओं में अस्थिरता, चिड़चिड़ापन, उत्साह, तनाव तथा मनोदशा में बार-बार बदलाव का प्रमुख कारण बनते हैं। इसलिए इस अवस्था को भावनात्मक परिवर्तन का काल भी कहा जाता है।

7. स्फूर्त अनुकूलन मुख्य रूप से किससे संबंधित है ?

(A) परिपक्वता
(B) अंतर्दृष्टि
(C) अपने नियंत्रण में व्यवहार
(D) प्रतिवर्ती क्रियाएँ

व्याख्या
सही उत्तर: (C) अपने नियंत्रण में व्यवहार : व्याख्या : स्फूर्त अनुकूलन (Operant Conditioning) का प्रतिपादन बी. एफ. स्किनर ने किया था। इसमें अधिगम स्वैच्छिक (Voluntary) या अपने नियंत्रण वाले व्यवहार पर आधारित होता है। इस सिद्धांत के अनुसार व्यवहार के बाद मिलने वाले पुरस्कार या दंड से उस व्यवहार की पुनरावृत्ति बढ़ या घट सकती है।

8. माता-पिता के विचारों को अस्वीकार करने और स्वतंत्र विचार विकसित करने वाले किशोर किस बात को दर्शाते हैं ?

(A) संवेदी विकास
(B) प्रतिक्रिया का प्रभुत्व
(C) पहचान की खोज
(D) संज्ञानात्मक प्रतिगमन

व्याख्या
सही उत्तर: (C) पहचान की खोज : व्याख्या : किशोरावस्था में व्यक्ति अपनी अलग पहचान (Identity) बनाने का प्रयास करता है। इस दौरान वह कई बार माता-पिता के विचारों से असहमति व्यक्त करता है और स्वतंत्र रूप से सोचने एवं निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है। इसे एरिक्सन ने Identity vs Role Confusion की अवस्था बताया है।

9. शिक्षण का एक मुख्य सिद्धांत है :

(A) व्याख्यान से अनुशासन की ओर बढ़ना
(B) कठिन से अमूर्त की ओर बढ़ना
(C) ज्ञात से अज्ञात की ओर बढ़ना
(D) जटिल से सरल की ओर बढ़ना

व्याख्या
सही उत्तर: (C) ज्ञात से अज्ञात की ओर बढ़ना : व्याख्या : प्रभावी शिक्षण का मूल सिद्धांत है कि शिक्षक विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान (Known) से शुरुआत करे और धीरे-धीरे उन्हें नए ज्ञान (Unknown) की ओर ले जाए। इससे नई अवधारणाओं को समझना सरल हो जाता है तथा अधिगम अधिक स्थायी बनता है।

10. समावेशी शिक्षा में, ज़रूरत न होने पर भी बहुत ज़्यादा मदद देने का परिणाम यह हो सकता है :

(A) हिस्सेदारी
(B) बढ़ी हुई सहनशीलता
(C) निर्भरता
(D) बढ़ी हुई स्वतंत्रता

व्याख्या
सही उत्तर: (C) निर्भरता: व्याख्या : समावेशी शिक्षा में विद्यार्थियों को आवश्यकता के अनुसार ही सहायता दी जानी चाहिए। आवश्यकता से अधिक सहायता देने पर विद्यार्थी स्वयं कार्य करने के बजाय दूसरों पर निर्भर होने लगते हैं, जिससे उनकी आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास प्रभावित होता है।

11. जो शिक्षक पाठों को वर्तमान सामाजिक मुद्दों से जोड़ते हैं, वे किसे बढ़ावा दे रहे हैं ?

(A) भय
(B) रटकर याद करना
(C) संदर्भित अधिगम
(D) निष्क्रिय स्मरण

व्याख्या
सही उत्तर: (C) संदर्भित अधिगम : व्याख्या : जब शिक्षक पाठ्यवस्तु को वास्तविक जीवन एवं वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों से जोड़कर पढ़ाते हैं, तो विद्यार्थी विषय को अधिक अच्छी तरह समझते हैं और उसका व्यावहारिक उपयोग भी सीखते हैं। इसे संदर्भित अधिगम (Contextual Learning) कहा जाता है।

12. अवधारणात्मक समझ तब प्रदर्शित होती है जब छात्र :

(A) सूत्रों को याद करते हैं
(B) उदाहरणों की नकल करते हैं
(C) नए संदर्भों में विचारों को लागू करते हैं
(D) परिभाषाएँ याद करते हैं

व्याख्या
सही उत्तर: (C) नए संदर्भों में विचारों को लागू करते हैं : व्याख्या : अवधारणात्मक समझ (Conceptual Understanding) का अर्थ केवल तथ्य या परिभाषाएँ याद रखना नहीं है, बल्कि सीखी गई अवधारणाओं का नए एवं भिन्न परिस्थितियों में सही ढंग से प्रयोग करना है। यही वास्तविक और सार्थक अधिगम का संकेत माना जाता है।

13. शिक्षण में बाल विकास को समझने की आवश्यकता महत्वपूर्ण है क्योंकि :

(A) यह अनुशासन को कम करता है
(B) यह मूल्यांकन को समाप्त करता है
(C) यह शिक्षण को विकासात्मक तत्परता के साथ सरेखित करने में मदद करता है
(D) यह कक्षा पर शिक्षक का नियंत्रण बढ़ाता है

व्याख्या
सही उत्तर: (C) यह शिक्षण को विकासात्मक तत्परता के साथ सरेखित करने में मदद करता है : व्याख्या : बाल विकास का ज्ञान शिक्षक को विद्यार्थियों की आयु, मानसिक स्तर, रुचि एवं विकासात्मक तत्परता (Developmental Readiness) के अनुसार शिक्षण की योजना बनाने में सहायता करता है। इससे शिक्षण अधिक प्रभावी, रुचिकर और विद्यार्थी-केंद्रित बनता है।

14. स्फूर्त अनुकूलन शास्त्रीय अनुकूलन से इसलिए अलग है, क्योंकि इसमें :

(A) किसी सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता नहीं है
(B) यह स्वचालित होती है
(C) यह प्रतिवर्ती होती है
(D) स्वैच्छिक अनुक्रियाएँ शामिल होती हैं

व्याख्या
सही उत्तर: (D) स्वैच्छिक अनुक्रियाएँ शामिल होती हैं : व्याख्या : स्फूर्त अनुकूलन (Operant Conditioning) में स्वैच्छिक (Voluntary) व्यवहार पर पुरस्कार एवं दंड के माध्यम से प्रभाव डाला जाता है। जबकि शास्त्रीय अनुकूलन (Classical Conditioning) अनैच्छिक (Involuntary) या प्रतिवर्ती प्रतिक्रियाओं पर आधारित होता है। यही दोनों सिद्धांतों के बीच मुख्य अंतर है।

15. एक दृष्टिबाधित कक्षा 8 का छात्र गणित पढ़ते समय सबसे अधिक लाभ किससे प्राप्त करेगा ?

(A) सिलेबस कम किया गया
(B) केवल मानक पाठ्यपुस्तक
(C) स्पर्शनीय ग्राफिक्स और ऑडियो व्याख्या
(D) शुद्ध व्याख्यान

व्याख्या
सही उत्तर: (C) स्पर्शनीय ग्राफिक्स और ऑडियो व्याख्या : व्याख्या : दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए गणित के अधिगम को प्रभावी बनाने हेतु स्पर्शनीय (Tactile) ग्राफिक्स, ब्रेल सामग्री, उभरे हुए चित्र तथा ऑडियो व्याख्या का उपयोग किया जाता है। ये साधन उन्हें अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने में सहायता करते हैं और समावेशी शिक्षा को सफल बनाते हैं।

16. कक्षा 8 का एक छात्र परीक्षा में अपने प्रदर्शन में सुधार तभी करता है, जब उसकी सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की जाती है। यह सबसे अच्छी तरह से दर्शाता है :

(A) तत्परता का नियम
(B) अंतर्दृष्टि अधिगम
(C) स्फूर्त अनुकूलन
(D) शास्त्रीय अनुकूलन

व्याख्या
सही उत्तर: (C) स्फूर्त अनुकूलन : व्याख्या : जब किसी विद्यार्थी के अच्छे प्रदर्शन पर उसकी प्रशंसा की जाती है और वह भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने लगता है, तो यह सकारात्मक सुदृढ़ीकरण (Positive Reinforcement) का उदाहरण है। यह बी. एफ. स्किनर के स्फूर्त अनुकूलन सिद्धांत पर आधारित है।

17. कार्यात्मक व्यवहार मूल्यांकन समावेशन का समर्थन करता है क्योंकि यह :

(A) लेबलिंग को प्रोत्साहित करता है
(B) अलगाव को बढ़ावा देता है
(C) व्यवहार के पर्यावरणीय कारकों की पहचान करता है
(D) दंड पर ध्यान केंद्रित करता है

व्याख्या
सही उत्तर: (C) व्यवहार के पर्यावरणीय कारकों की पहचान करता है : व्याख्या : कार्यात्मक व्यवहार मूल्यांकन (Functional Behavior Assessment – FBA) का उद्देश्य यह समझना है कि विद्यार्थी किसी विशेष व्यवहार को क्यों प्रदर्शित करता है। इसमें व्यवहार के कारणों एवं पर्यावरणीय कारकों की पहचान की जाती है, जिससे उचित हस्तक्षेप योजना बनाकर सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा दिया जा सके।

18. किशोरों में आंतरिक प्रेरणा तब बढ़ती है जब :

(A) वे याद करते हैं
(B) वे निरंतर प्रतिस्पर्धा करते हैं
(C) वे स्वायत्तता का अनुभव करते हैं
(D) उन्हें दंड का भय होता है

व्याख्या
सही उत्तर: (C) वे स्वायत्तता का अनुभव करते हैं : व्याख्या : आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation) तब विकसित होती है जब विद्यार्थियों को अपने निर्णय स्वयं लेने, सीखने के तरीकों का चयन करने तथा स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अवसर मिलता है। स्वायत्तता (Autonomy) आत्मविश्वास, रुचि और सीखने की इच्छा को बढ़ाती है, जिससे अधिगम अधिक प्रभावी होता है।

19. किशोरों के लिए परामर्श प्राथमिक विद्यालय परामर्श से इसलिए अलग होता है क्योंकि यह अधिक ध्यान केंद्रित करता है :

(A) मोटर नियंत्रण
(B) प्रतिवर्त क्रिया का विकास
(C) पहचान और आत्मसम्मान संबंधी मुद्दे
(D) बुनियादी आदत निर्माण

व्याख्या
सही उत्तर: (C) पहचान और आत्मसम्मान संबंधी मुद्दे : व्याख्या : किशोरावस्था में व्यक्ति अपनी पहचान (Identity), आत्मसम्मान (Self-esteem), करियर, सामाजिक संबंधों तथा भविष्य को लेकर अधिक संवेदनशील होता है। इसलिए इस अवस्था में परामर्श का मुख्य उद्देश्य इन मनोवैज्ञानिक एवं भावनात्मक चुनौतियों का समाधान करना होता है।

20. एक शिक्षक जो छात्रों को समस्याओं की जांच करने और उत्तर खोजने के लिए प्रोत्साहित करता है, वह निम्न का प्रयोग कर रहा है :

(A) अभ्यास विधि
(B) दंड विधि
(C) जांच-आधारित अधिगम
(D) व्याख्यान विधि

व्याख्या
सही उत्तर: (C) जांच-आधारित अधिगम (A : व्याख्या :जांच-आधारित अधिगम (Inquiry-Based Learning) में विद्यार्थी स्वयं प्रश्न पूछते हैं, तथ्यों की खोज करते हैं तथा समस्या का समाधान ढूँढ़ते हैं। शिक्षक केवल मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है। यह विधि जिज्ञासा, तर्कशक्ति एवं स्वतंत्र चिंतन का विकास करती है।

21. जब किशोर किसी एक असफलता को लेकर अतिसामान्यीकरण करते हैं (“मैं हमेशा असफल होता हूँ”), तो यह किसे दर्शाता है ?

(A) मेटाकॉग्निशन
(B) वैज्ञानिक तर्क
(C) संज्ञानात्मक विकृति
(D) तार्किक अमूर्तन

व्याख्या
सही उत्तर: (C) संज्ञानात्मक विकृति : व्याख्या : जब कोई किशोर एक या दो असफलताओं के आधार पर यह मान लेता है कि वह हर कार्य में असफल रहेगा, तो इसे अतिसामान्यीकरण (Overgeneralization) कहा जाता है। यह संज्ञानात्मक विकृति (Cognitive Distortion) का एक प्रमुख उदाहरण है, जिसमें व्यक्ति वास्तविकता से हटकर नकारात्मक निष्कर्ष निकालता है।

22. किशोरावस्था में संतुलित विकास इनके बीच परस्पर क्रिया पर निर्भर करता है :

(A) केवल पालन-पोषण
(B) केवल स्कूल
(C) केवल जीन
(D) आनुवंशिकता और पर्यावरण

व्याख्या
सही उत्तर: (D) आनुवंशिकता और पर्यावरण : व्याख्या : किशोर का विकास केवल आनुवंशिकता (Heredity) या केवल पर्यावरण (Environment) से निर्धारित नहीं होता, बल्कि दोनों की संयुक्त भूमिका होती है। जीन शारीरिक एवं मानसिक क्षमता का आधार प्रदान करते हैं, जबकि पर्यावरण उन क्षमताओं के विकास को प्रभावित करता है।

23. निरंतर सुदृढ़ीकरण से ऐसा व्यवहार उत्पन्न होता है जो :

(A) अंतर्दृष्टि पर आधारित है
(B) कभी कमजोर नहीं पड़ता
(C) सुदृढ़ीकरण बंद होते ही यह जल्दी बुझ जाता है
(D) विलुप्त होने के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी होता है

व्याख्या
सही उत्तर: (C) सुदृढ़ीकरण बंद होते ही यह जल्दी बुझ जाता है : व्याख्या : निरंतर सुदृढ़ीकरण (Continuous Reinforcement) में प्रत्येक सही प्रतिक्रिया पर पुरस्कार दिया जाता है। यदि बाद में पुरस्कार देना बंद कर दिया जाए, तो वह व्यवहार जल्दी समाप्त (Extinction) होने लगता है। इसलिए यह व्यवहार विलुप्ति के प्रति कम प्रतिरोधी होता है।

24. जब किशोर नियमों और अधिकार को चुनौती देना शुरू करते हैं, तो उनमें कौन-सी संज्ञानात्मक क्षमता विकसित होती है ?

(A) संवेदी कौशल
(B) मोटर समन्वय
(C) तार्किक तर्क
(D) प्रतिवर्त नियंत्रण

व्याख्या
सही उत्तर: (C) तार्किक तर्क : व्याख्या : किशोरावस्था में तार्किक एवं अमूर्त चिंतन (Logical and Abstract Reasoning) का विकास होता है। इसी कारण किशोर नियमों, परंपराओं और अधिकारों पर प्रश्न उठाने लगते हैं तथा उनके पीछे के कारणों को समझने का प्रयास करते हैं। यह संज्ञानात्मक परिपक्वता का सामान्य एवं महत्वपूर्ण संकेत है।

25. किशोरावस्था में सहकर्मी मार्गदर्शन बढ़ाता है :

(A) सामाजिक पदानुक्रम
(B) छात्रों के बीच प्रतिस्पर्धा
(C) सामाजिक एकीकरण
(D) अलगाव

व्याख्या
सही उत्तर: (C) सामाजिक एकीकरण : व्याख्या : सहकर्मी मार्गदर्शन (Peer Guidance) से किशोरों में सहयोग, संवाद, आत्मविश्वास और पारस्परिक समझ का विकास होता है। इससे वे समूह में बेहतर ढंग से कार्य करना सीखते हैं तथा सामाजिक एकीकरण (Social Integration) को बढ़ावा मिलता है। समावेशी शिक्षा में भी सहकर्मी सहयोग का विशेष महत्व है।

26. पियाजे के अनुसार, किशोर सोचना शुरू करते हैं :

(A) यांत्रिक रूप से
(B) अचेतन रूप से
(C) अमूर्त रूप से
(D) केवल मूर्त रूप से

व्याख्या
सही उत्तर: (C) अमूर्त रूप से : व्याख्या : जीन पियाजे के अनुसार किशोरावस्था में औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) प्रारंभ होती है। इस अवस्था में किशोर अमूर्त (Abstract), तार्किक (Logical) तथा काल्पनिक परिस्थितियों पर भी विचार करने में सक्षम हो जाते हैं। यही उनकी उच्च स्तरीय संज्ञानात्मक क्षमता का आधार है।

27. वायगोत्स्की के अनुसार, सीखना विकास से पहले आता है क्योंकि :

(A) अनुकूलन तर्क का स्थान ले लेता है
(B) सजगता हावी होती है
(C) सामाजिक संपर्क संज्ञानात्मक विकास को बढ़ावा देता है
(D) परिपक्वता सीखने को नियंत्रित करती है

व्याख्या
सही उत्तर: (C) सामाजिक संपर्क संज्ञानात्मक विकास को बढ़ावा देता है : व्याख्या : वायगोत्स्की के अनुसार अधिगम (Learning) सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction) के माध्यम से होता है और यही संज्ञानात्मक विकास को आगे बढ़ाता है। शिक्षक, अभिभावक एवं सहपाठी के सहयोग से बच्चा अपनी वर्तमान क्षमता से अधिक सीख सकता है। इसी सिद्धांत को निकटस्थ विकास क्षेत्र (Zone of Proximal Development – ZPD) कहा जाता है।

28. विकास में आनुवंशिकता और पर्यावरण परस्पर क्रिया करते हैं क्योंकि :

(A) मीडिया व्यक्तित्व को नियंत्रित करता है
(B) विद्यालय आनुवंशिकता की जगह ले लेता है
(C) पर्यावरण आनुवंशिक क्षमता को आकार देता है
(D) जीन स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं

व्याख्या
सही उत्तर: (C) पर्यावरण आनुवंशिक क्षमता को आकार देता है : व्याख्या : आनुवंशिकता (Heredity) व्यक्ति की जन्मजात क्षमताओं का आधार प्रदान करती है, जबकि पर्यावरण (Environment) उन क्षमताओं के विकास एवं अभिव्यक्ति को प्रभावित करता है। इसलिए व्यक्ति का विकास दोनों के पारस्परिक प्रभाव का परिणाम होता है, न कि किसी एक कारक का

।

29. शिक्षण की प्रभावशीलता तब बेहतर होती है जब :

(A) अनुशासन सख्त हो जाता है
(B) गृहकार्य बढ़ जाता है
(C) शिक्षक अधिक व्याख्यान देते हैं
(D) विधियाँ अधिगम उद्देश्यों के अनुरूप हैं

व्याख्या
सही उत्तर: (D) विधियाँ अधिगम उद्देश्यों के अनुरूप हैं : व्याख्या : प्रभावी शिक्षण के लिए आवश्यक है कि शिक्षण विधि, अधिगम उद्देश्य, विषयवस्तु तथा विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप हो। जब शिक्षक उचित शिक्षण रणनीतियों का चयन करता है, तब अधिगम अधिक सार्थक, स्थायी और परिणामकारी बनता है।

30. किशोरों में आत्म-चेतना बढ़ने के कारण निम्न हो सकते हैं :

(A) शारीरिक ठहराव
(B) बेहतर सोच
(C) बेहतर प्रतिक्रिया
(D) सामाजिक अलगाव

व्याख्या
सही उत्तर: (B) बेहतर सोच : व्याख्या : किशोरावस्था में संज्ञानात्मक विकास के कारण आत्म-चिंतन (Self-reflection) और अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) की क्षमता विकसित होती है। इसी वजह से किशोर अपने व्यक्तित्व, व्यवहार और दूसरों की राय के प्रति अधिक जागरूक हो जाते हैं। यह बढ़ी हुई आत्म-चेतना (Self-consciousness) का प्रमुख कारण है।

FAQ – UPTET 2026 CDP Question Paper Set 2

1. UPTET 2026 CDP Question Paper Set 2 में कितने प्रश्न हैं?

UPTET 2026 CDP Question Paper Set 2 में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के कुल 30 बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं।

2. क्या CDP Set 2 में सही उत्तर और व्याख्या दी गई है?

हाँ, प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और आसान भाषा में व्याख्या दी गई है, जिससे अभ्यर्थी उत्तर के साथ संबंधित concept को भी समझ सकें।

3. UPTET CDP Set 2 में किन प्रमुख topics से प्रश्न हैं?

इस सेट में समावेशी शिक्षा, किशोरावस्था, अधिगम सिद्धांत, प्रेरणा, संज्ञानात्मक विकास, शिक्षण विधियाँ, आनुवंशिकता एवं पर्यावरण और विशेष आवश्यकता वाले शिक्षार्थियों से जुड़े प्रश्न शामिल हैं।

4. क्या Set 2 में समावेशी शिक्षा से संबंधित प्रश्न हैं?

हाँ, इसमें श्रवण बाधित एवं दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए शिक्षण सहायता, अधिगम अक्षमता, कार्यात्मक व्यवहार मूल्यांकन और समावेशी कक्षा से संबंधित प्रश्न दिए गए हैं।

5. Set 2 में स्फूर्त अनुकूलन से संबंधित प्रश्न हैं?

हाँ, इस सेट में स्फूर्त अनुकूलन (Operant Conditioning), सुदृढ़ीकरण और शास्त्रीय अनुकूलन से उसके अंतर से संबंधित प्रश्न शामिल हैं।

6. क्या Set 2 में किशोरावस्था के प्रश्न शामिल हैं?

हाँ, किशोरावस्था से संबंधित कई concepts जैसे अमूर्त चिंतन, नैतिक तर्क, पहचान की खोज, स्वायत्तता, आत्मसम्मान, सामाजिक एकीकरण और आत्म-चेतना पर प्रश्न दिए गए हैं।

7. Set 2 में पियाजे और वायगोत्स्की से संबंधित प्रश्न हैं?

हाँ, इस सेट में पियाजे के औपचारिक संक्रियात्मक चरण तथा वायगोत्स्की के सामाजिक अंतःक्रिया और ZPD से संबंधित प्रश्न शामिल हैं।

8. UPTET CDP Set 2 का अभ्यास कैसे करें?

पहले 30 प्रश्नों को बिना उत्तर देखे हल करें। इसके बाद सही उत्तर से मिलान करें और गलत प्रश्नों की व्याख्या पढ़कर संबंधित topic का revision करें।

9. क्या Set 2 में प्रेरणा से संबंधित प्रश्न हैं?

हाँ, इस सेट में आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation), स्वायत्तता और विद्यार्थियों के सीखने से संबंधित प्रेरणा के concepts पर प्रश्न दिए गए हैं।

10. क्या Set 2 में आनुवंशिकता और पर्यावरण से संबंधित प्रश्न हैं?

हाँ, सेट में विकास में आनुवंशिकता (Heredity) और पर्यावरण (Environment) की पारस्परिक भूमिका से संबंधित प्रश्न शामिल हैं।