UPTET 2026 Science Question Paper – Set 1 | Questions, Answers & Explanation

UPTET 2026 Science Question Paper – Set 1 में विज्ञान विषय से जुड़े 30 महत्वपूर्ण प्रश्न दिए गए हैं। इस सेट में रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, पर्यावरण तथा विज्ञान शिक्षण से संबंधित अलग-अलग प्रकार के प्रश्न शामिल हैं।

प्रश्नों में कार्बन की कैटेनेशन, आर्थोपोडा, ध्वनि की तरंगदैर्ध्य, आगमनात्मक तर्क, जैविक वर्गीकरण, वेग का विमीय सूत्र, लेंस की क्षमता, अम्लीय वर्षा, लेगहीमोग्लोबिन, स्टीफन-बोल्ट्ज़मैन नियम, विद्युत क्षेत्र, प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा, चुंबकीय बल, आवेग और प्रकाश-संश्लेषण जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

इसके साथ ही स्पाइरल पाठ्यक्रम, संकल्पना मानचित्र, वैचारिक परिवर्तन, ब्लूम की संशोधित टैक्सोनॉमी और विज्ञान शिक्षण से संबंधित प्रश्न भी दिए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और परीक्षा उपयोगी व्याख्या दी गई है, जिससे अभ्यास के साथ अवधारणाओं की पुनरावृत्ति भी की जा सके।

1. कार्बन परमाणुओं की अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ जुड़कर लंबी शृंखलाएँ बनाने की क्षमता कहलाती है:

(A) कैटेनेशन
(B) समावयवता
(C) बहुलकीकरण
(D) संयोजकता

व्याख्या
सही उत्तर: (A) कैटेनेशन: व्याख्या :कार्बन परमाणुओं की आपस में जुड़कर लंबी शृंखलाएँ, शाखित शृंखलाएँ या वलय बनाने की क्षमता को कैटेनेशन (Catenation) कहते हैं। यह कार्बन की एक प्रमुख विशेषता है।

2. संघ आर्थोपोडा की विशिष्ट नैदानिक विशेषताओं में शामिल हैं:

(A) जोड़दार उपांग और एक काइटिनयुक्त बाह्य कंकाल
(B) किसी जीवन अवस्था में नोटोकॉर्ड और ग्रसनी गिल स्लिट्स
(C) नम, श्लेष्म स्रावित करने वाली त्वचा और बाह्य कंकाल का अभाव
(D) त्रिज्यीय समरूपता और टेंटेकल्स पर नेमाटोसिस्ट

व्याख्या
सही उत्तर: (A) जोड़दार उपांग और एक काइटिनयुक्त बाह्य कंकाल : : व्याख्या : संघ आर्थोपोडा (Arthropoda) की प्रमुख विशेषताएँ हैं—जोड़दार उपांग (jointed appendages) और काइटिनयुक्त बाह्य कंकाल (chitinous exoskeleton)। इसी कारण इसका नाम भी ‘जोड़दार पैरों वाले’ जीवों से संबंधित है।

3. वायु-वाहन प्रणाली में अनुनाद की जाँच के लिए उपयोग किए जाने वाले ध्वनि संकेत की आवृत्ति 850 Hz है। हवा में ध्वनि की गति 340 m/s है। ध्वनि तरंग की तरंगदैर्ध्य क्या होगी?

(A) 0.25 m
(B) 0.40 m
(C) 0.58 m
(D) 0.52 m

व्याख्या
सही उत्तर: (B) 0.40 m: : व्याख्या : सही उत्तर: (B) 0.40 m

4. विज्ञान में आगमनात्मक तर्क में मुख्य रूप से यह शामिल होता है:

(A) किसी अन्य वैज्ञानिक द्वारा प्रकाशित परिणामों को सत्यापित करने के लिए किसी प्रयोग को दोहराना
(B) किसी पूर्व-मौजूद परिकल्पना का परीक्षण करने के लिए एक प्रयोग की रूपरेखा तैयार करना
(C) किसी नई स्थिति में किसी विशिष्ट परिणाम की भविष्यवाणी करने के लिए किसी सामान्य नियम को लागू करना
(D) अनेक विशिष्ट प्रेक्षणों से कोई सामान्य सिद्धांत या प्रतिरूप निकालना

व्याख्या
सही उत्तर: (D) अनेक विशिष्ट प्रेक्षणों से कोई सामान्य सिद्धांत या प्रतिरूप निकालना : : व्याख्या : आगमनात्मक तर्क (Inductive Reasoning) में अनेक विशिष्ट प्रेक्षणों या उदाहरणों के आधार पर एक सामान्य निष्कर्ष, सिद्धांत या प्रतिरूप बनाया जाता है। विज्ञान में प्रेक्षणों से सामान्य नियम तक पहुँचना इसका प्रमुख उदाहरण है।

5. टैक्सोनोमिक पदानुक्रम में, निम्नलिखित श्रेणियों में सबसे व्यापक और उच्चतम श्रेणी है:

(A) प्रजाति
(B) संघ
(C) वंश
(D) जगत

व्याख्या
सही उत्तर: (D) जगत : : व्याख्या : दिए गए विकल्पों में जगत (Kingdom) सबसे व्यापक और उच्च श्रेणी है। सामान्य वर्गीकरण क्रम में जगत → संघ → वर्ग → गण → कुल → वंश → प्रजाति आता है। प्रजाति सबसे विशिष्ट श्रेणी है।

6. समय के साथ विस्थापन में परिवर्तन की दर को व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त भौतिक राशि का विमीय सूत्र निम्नलिखित में से कौन-सा है?

(A) [MLT²]
(B) [M⁰LT⁻¹]
(C) [ML²T⁻²]
(D) [M⁰L⁰T¹]

व्याख्या
सही उत्तर: (B) [M⁰LT⁻¹]: व्याख्या : समय के साथ विस्थापन में परिवर्तन की दर को वेग (Velocity) कहा जाता है।

वेग = विस्थापन / समय
विस्थापन का विमीय सूत्र = [L]
समय का विमीय सूत्र = [T] अतः,
वेग का विमीय सूत्र = [L] / [T] = [LT⁻¹]
द्रव्यमान (M) का वेग में कोई योगदान नहीं होता, इसलिए M का घात 0 होगा।
इसलिए वेग का विमीय सूत्र = [M⁰LT⁻¹]

7. लेंस की क्षमता का SI मात्रक है:

(A) मीटर
(B) ल्यूमेन
(C) डायोप्टर
(D) सेंटीमीटर

व्याख्या
सही उत्तर: (C) डायोप्टर : : व्याख्या :लेंस की क्षमता का मात्रक डायोप्टर (Dioptre) है।P=1fP=\frac{1}{f}जहाँ ff मीटर में फोकस दूरी है। इसलिए क्षमता का SI मात्रक m⁻¹, जिसे डायोप्टर (D) कहा जाता है।

8. निम्नलिखित में से कौन सा धात्विक तत्व पृथ्वी की भूपर्पटी में सबसे अधिक औसत मात्रा में मौजूद है?

(A) सोना
(B) लोहा
(C) एल्युमिनियम
(D) तांबा

व्याख्या
सही उत्तर: (C) एल्युमिनियम : : व्याख्या : पृथ्वी की भूपर्पटी में एल्युमिनियम सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला धातु तत्व है। यह मुख्यतः बॉक्साइट जैसे अयस्कों से प्राप्त किया जाता है। इसके बाद भूपर्पटी में प्रचुर मात्रा में लोहा पाया जाता है।

9. सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड की इनके साथ अभिक्रिया से अम्लीय वर्षा उत्पन्न होती है:

(A) जल वाष्प, ऑक्सीजन और अन्य वायुमंडलीय रसायन
(B) कार्बन मोनोऑक्साइड और ओजोन
(C) आर्गन और धूल के कण
(D) नाइट्रोजन गैस और आर्गन

व्याख्या
सही उत्तर: (A) जल वाष्प, ऑक्सीजन और अन्य वायुमंडलीय रसायन : : व्याख्या : वायुमंडल में सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOₓ) जल वाष्प तथा ऑक्सीजन आदि के साथ अभिक्रिया करके सल्फ्यूरिक अम्ल और नाइट्रिक अम्ल जैसे अम्ल बनाते हैं। ये अम्ल वर्षा के जल के साथ पृथ्वी पर आते हैं, जिसे अम्लीय वर्षा (Acid Rain) कहते हैं।

10. फलीदार पौधों की जड़ ग्रंथियों में पाया जाने वाला लेगहीमोग्लोबिन मुख्य रूप से कार्य करता है:

(A) ऊर्जा के स्रोत के रूप में पत्तियों से जड़ ग्रंथियों तक सुक्रोज का परिवहन करना
(B) मिट्टी की विषाक्तता को रोकने के लिए अतिरिक्त फास्फोरस को अवशोषित करना
(C) राइजोबियम बैक्टीरिया को सीधे नाइट्रोजन गैस की आपूर्ति करना
(D) O₂-प्रेरित निष्क्रियता से नाइट्रोजिनेस की सुरक्षा के लिए ऑक्सीजन का अपमार्जन करना

व्याख्या
सही उत्तर: (D) O₂-प्रेरित निष्क्रियता से नाइट्रोजिनेस की सुरक्षा के लिए ऑक्सीजन का अपमार्जन करना : : व्याख्या : फलीदार पौधों की जड़ ग्रंथियों में लेगहीमोग्लोबिन (Leghemoglobin) ऑक्सीजन को बाँधकर उसकी मात्रा को नियंत्रित करता है। इससे नाइट्रोजिनेस एंजाइम को ऑक्सीजन से होने वाली निष्क्रियता से सुरक्षा मिलती है और नाइट्रोजन स्थिरीकरण की प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती है।

11. स्टीफ़न-बोल्ट्ज़मैन नियम के अनुसार, किसी वस्तु द्वारा प्रति इकाई क्षेत्रफल प्रति सेकंड उत्सर्जित ऊर्जा किसके समानुपाती होती है?

(A) T³
(B) T²
(C) T
(D) T⁴

व्याख्या
सही उत्तर (D) T⁴ है : : व्याख्या : स्टीफ़न-बोल्ट्ज़मैन नियम के अनुसार, किसी आदर्श कृष्णिका (Black body) के प्रति इकाई क्षेत्रफल से प्रति सेकंड उत्सर्जित होने वाली कुल तापीय ऊर्जा (E), उसके परम तापमान (Absolute Temperature, T) के चतुर्थ घात (Fourth Power) के सीधे समानुपाती होती है। इसका सरल गणितीय सूत्र E = sigma * T⁴ होता है, जहाँ sigma स्टीफ़न-बोल्ट्ज़मैन नियतांक (Constant) है। इसका मतलब यह है कि यदि तापमान को दोगुना कर दिया जाए, तो उत्सर्जित ऊर्जा 16 गुना बढ़ जाएगी।

12. वैज्ञानिक ज्ञान की एक प्रमुख विशेषता जो इसे हठधर्मिता से अलग करती है, वह यह है कि यह:

(A) नए साक्ष्यों के आलोक में संशोधित किया जा सकता है
(B) धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं से व्युत्पन्न है
(C) केवल विशेषज्ञ राय और प्रामाणिकता पर आधारित है
(D) प्रकाशित होने के बाद स्थायी और अपरिवर्तनीय है

व्याख्या
सही उत्तर: (A) नए साक्ष्यों के आलोक में संशोधित किया जा सकता है : : व्याख्या : वैज्ञानिक ज्ञान परिवर्तनशील और प्रमाण-आधारित होता है। नए प्रयोगों या विश्वसनीय साक्ष्यों से यदि पुराने निष्कर्ष के विपरीत प्रमाण मिलते हैं, तो वैज्ञानिक व्याख्याओं को संशोधित किया जा सकता है। यही इसे हठधर्मिता से अलग करता है।

13. दो समानांतर प्लेटें 4 मिमी की दूरी पर स्थित हैं और उनके बीच विभवांतर 80 वोल्ट है। एकसमान विद्युत क्षेत्र मानते हुए, उनके बीच विद्युत क्षेत्र का परिमाण क्या होगा?

(A) 40,000 V/m
(B) 200 V/m
(C) 2,000 V/m
(D) 20,000 V/m

व्याख्या
सही उत्तर (D) 20,000 V/m है : : व्याख्या : दो समानांतर प्लेटों के बीच एकसमान विद्युत क्षेत्र (Electric Field) का परिमाण निकालने के लिए सूत्र E = V / d का उपयोग किया जाता है। यहाँ V प्लेटों के बीच का विभवांतर (Voltage) है और d उनके बीच की दूरी है। प्रश्न के अनुसार, विभवांतर V = 80 वोल्ट है और दूरी d = 4 मिलीमीटर है। मीटर में बदलने पर यह दूरी 4 / 1000 = 0.004 मीटर हो जाएगी। अब सूत्र में मान रखने पर: E = 80 / 0.004 = 20,000 V/m प्राप्त होता है।

14. स्प्रिंग स्थिरांक k वाली स्प्रिंग को x दूरी तक संपीड़ित करने पर उसमें संचित प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा क्या होगी?

(A) 1/2kx²
(B) 2kx²
(C) kx²
(D) kx

व्याख्या
सही उत्तर: (A) 1/2kx² : : व्याख्या : जब किसी स्प्रिंग, जिसका स्प्रिंग स्थिरांक (Spring Constant) k है, उसे x दूरी तक दबाया (compress) या खींचा (stretch) जाता है, तो उसमें काम करने के कारण ऊर्जा जमा हो जाती है। इस ऊर्जा को प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (Elastic Potential Energy) कहते हैं। इसका गणितीय सूत्र E = (1/2) * k * x² होता है। यहाँ ऊर्जा स्प्रिंग के स्थिरांक और उसके संपीड़न की दूरी के वर्ग (square) के गुणनफल के आधे के बराबर होती है।

15. कौन-सा गुण थर्मोप्लास्टिक को थर्मोसेटिंग प्लास्टिक से अलग करता है?

(A) इन्हें बार-बार पिघलाकर दोबारा ढाला जा सकता है
(B) ये पानी में पूरी तरह घुल जाते हैं
(C) ये सभी धातुओं से अधिक मज़बूत होते
(D) गर्म करने पर ये नरम नहीं होते

व्याख्या
सही उत्तर: (A) इन्हें बार-बार पिघलाकर दोबारा ढाला जा सकता है : : व्याख्या : थर्मोप्लास्टिक गर्म करने पर नरम या पिघल जाते हैं और ठंडा होने पर फिर कठोर हो जाते हैं। इसलिए इन्हें बार-बार गर्म करके अलग-अलग आकार में ढाला जा सकता है। इसके विपरीत, थर्मोसेटिंग प्लास्टिक एक बार कठोर होने के बाद दोबारा आसानी से नहीं पिघलते।अतः (A) सही है।

16. एक स्पाइरल पाठ्यक्रम क्रमिक कक्षा स्तरों पर विषयों को मुख्यतः दोबारा इसलिए दोहराता है, क्योंकिः

(A) पाठ्यक्रम इतना लंबा होता है कि उसे एक ही शैक्षणिक वर्ष में पूरा करना संभव नहीं होता
(B) अलग-अलग शिक्षक अलग-अलग क्रम पसंद करते हैं, इसलिए पढ़ाई की सामग्री को दोहराना ज़रूरी हो जाता है
(C) हर बार दोहराने पर विषय की वैचारिक गहराई और जटिलता बढ़ती है, जो पिछली समझ पर आधारित होती है
(D) छात्र पिछली पढ़ाई की सामग्री भूल जाते हैं और उन्हें हर साल वैसी ही पुनः शिक्षण की ज़रूरत होती है

व्याख्या
सही उत्तर: (C) हर बार दोहराने पर विषय की वैचारिक गहराई और जटिलता बढ़ती है, जो पिछली समझ पर आधारित होती है : : व्याख्या :स्पाइरल पाठ्यक्रम (Spiral Curriculum) में किसी विषय या अवधारणा को अलग-अलग कक्षा स्तरों पर पुनः प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन हर बार उसे अधिक गहराई, जटिलता और व्यापकता के साथ पढ़ाया जाता है। यह विद्यार्थियों की पिछली समझ को आगे विकसित करता है।

17. एक समान चुंबकीय क्षेत्र के समानांतर चलने वाले आवेशित कण पर चुंबकीय बल है:

(A) qvB के बराबर
(B) अधिकतम
(C) v के व्युत्क्रमानुपाती
(D) शून्य

व्याख्या
सही उत्तर (D) शून्य है, : : व्याख्या : विवरण: जब कोई आवेशित कण चुंबकीय क्षेत्र के समानांतर गति करता है, तो वेग और चुंबकीय क्षेत्र के बीच का कोण 0 डिग्री होता है। चुंबकीय बल के सूत्र F = qvB sin(theta) के अनुसार, sin(0) = 0 होने की वजह से कुल चुंबकीय बल शून्य (0) हो जाता है। इसी कारण कण पर कोई बल नहीं लगता और वह बिना किसी बदलाव के सीधी रेखा में चलता रहता है।

18. धातुओं का वह गुण जिसके कारण उन्हें पीटकर पतली चादरों में बदला जा सकता है, कहलाता है:

(A) आघातवर्धनीयता
(B) कठोरनीयता
(C) चर्मलता
(D) तन्यता

व्याख्या
सही उत्तर: (A) आघातवर्धनीयता : : व्याख्या : धातुओं को पीटकर या हथौड़े से चोट देकर पतली चादरों में बदलने के गुण को आघातवर्धनीयता (Malleability) कहते हैं। जबकि धातुओं को खींचकर तार बनाने के गुण को तन्यता (Ductility) कहते हैं।

19. 40 और 62 के दो प्रतिरोधक श्रेणी क्रम में जुड़े हैं। उनका संयुक्त प्रतिरोध है:

(A) 62 Ω
(B) 10 Ω
(C) 4 Ω
(D) 2.42 Ω

व्याख्या
सही उत्तर:  प्रश्न में संभवतः OCR त्रुटि है। : : व्याख्या : श्रेणी क्रम (Series) में जुड़े प्रतिरोधकों का संयुक्त प्रतिरोध:
R=R1+R2R=R_1+R_2
यदि प्रतिरोध 40 Ω और 62 Ω हैं, तो:
R=40+62=102 ΩR=40+62=102\ \Omega
अतः सही मान 102 Ω होगा, जो दिए गए विकल्पों में नहीं है। इसलिए इस प्रश्न के मूल विकल्प/फोटो में त्रुटि प्रतीत होती है।

20. प्रकाश-संश्लेषण में, वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड मुख्य रूप से पत्ती में किस संरचना के माध्यम से प्रवेश करती है?

(A) मूल रोम कोशिकाएँ
(B) पत्ती की बाह्यत्वचा
(C) स्टोमेटा
(D) तने पर वातरंध्र

व्याख्या
सही उत्तर: (C) स्टोमेटा : : व्याख्या : पत्तियों की सतह पर उपस्थित सूक्ष्म छिद्रों को स्टोमेटा (रंध्र) कहते हैं। इनके माध्यम से वायुमंडल से CO₂ पत्ती में प्रवेश करती है और प्रकाश-संश्लेषण में प्रयुक्त होती है।

21. बल और उस बल के कार्य करने की समयावधि के गुणनफल को कहते हैं:

(A) संवेग
(B) कार्य
(C) शक्ति
(D) आवेग

व्याख्या
सही उत्तर: (D) आवेग : : व्याख्या :बल और समय के गुणनफल को आवेग (Impulse) कहते हैं। आवेग=बल×समयआवेग=बल\timesसमय J=FΔtJ=F\Delta t आवेग वस्तु के संवेग में परिवर्तन के बराबर होता है। अतः (D) आवेग सही है।

22. जलीय विलयन में बेकिंग सोडा (NaHCO₃) को इस प्रकार वर्गीकृत किया जाता है:

(A) एक प्रबल क्षार
(B) एक उदासीन पदार्थ
(C) एक दुर्बल क्षार
(D) एक प्रबल अम्ल

व्याख्या
सही उत्तर: (C) एक दुर्बल क्षार : : व्याख्या : बेकिंग सोडा सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO₃) है। जल में इसका विलयन हल्का क्षारीय होता है। इसलिए इसे दुर्बल क्षार/क्षारीय पदार्थ के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।अतः (C) एक दुर्बल क्षार सही है।

23. यीस्ट में अवायवीय श्वसन (मादक किण्वन) के दौरान, ग्लूकोज़ किसमें परिवर्तित होता है?

(A) कार्बन डाइऑक्साइड और जल
(B) एथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड
(C) लैक्टिक अम्ल और ऑक्सीजन
(D) केवल पाइरुवेट और ATP

व्याख्या
सही उत्तर: (B) एथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड : : व्याख्या : यीस्ट में ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में ग्लूकोज़ का अवायवीय श्वसन होता है, जिसे मादक किण्वन (Alcoholic Fermentation) कहते हैं। इसमें ग्लूकोज़ टूटकर मुख्यतः एथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है तथा थोड़ी मात्रा में ऊर्जा प्राप्त होती है।

24. संकल्पना मानचित्र पाठ्यक्रम सीखने में मदद करने वाला एक साधन है, जो मुख्य रूप से छात्रों की मदद इस तरह करता है:

(A) प्रयोगशाला में प्रयोग करने के लिए, चरण-दर-चरण निर्देश देकर
(B) यह दृश्य रूप से दिखाकर कि विभिन्न अवधारणाएँ, लेबल किए गए आपसी संबंधों के माध्यम से एक-दूसरे से किस प्रकार जुड़ी हुई हैं
(C) परीक्षा की तैयारी के लिए, विषयों की एक क्रमबद्ध सूची उपलब्ध करके, जिसमें विषय कठिनाई के स्तर के अनुसार व्यवस्थित हों
(D) पाठ्यपुस्तक के किसी अध्याय में दी गई सभी मुख्य परिभाषाओं का सारांश, एक ही तालिका में प्रस्तुत करके

व्याख्या
सही उत्तर: (B) यह दृश्य रूप से दिखाकर कि विभिन्न अवधारणाएँ, लेबल किए गए आपसी संबंधों के माध्यम से एक-दूसरे से किस प्रकार जुड़ी हुई हैं : : व्याख्या : संकल्पना मानचित्र (Concept Map) एक दृश्य शिक्षण उपकरण है, जिसमें विभिन्न अवधारणाओं को शब्दों, रेखाओं और संबंधों के माध्यम से जोड़ा जाता है। इससे विद्यार्थियों को यह समझने में सहायता मिलती है कि अलग-अलग अवधारणाएँ आपस में किस प्रकार संबंधित हैं और विषय की समग्र समझ विकसित होती है।

25. विज्ञान शिक्षा में वैचारिक परिवर्तन पर हुए शोध से पता चलता है कि प्रभावी उपचारात्मक शिक्षण तब सबसे अधिक सफल होता है, जब वहः

(A) विद्यार्थियों की भ्रांतियों को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ करता है
(B) विषय-वस्तु की कठिनाई को कम करके विषय को सरल बनाता है
(C) वैज्ञानिक अवधारणाओं को प्रस्तुत करने से पहले मौजूदा भ्रांतियों को चुनौती देता है
(D) पाठ्यपुस्तक की व्याख्या को ज्यों का त्यों दोहराता है

व्याख्या
सही उत्तर: (C) वैज्ञानिक अवधारणाओं को प्रस्तुत करने से पहले मौजूदा भ्रांतियों को चुनौती देता है : : व्याख्या : विज्ञान सीखने में विद्यार्थी कई बार अपनी पूर्व धारणाएँ या भ्रांतियाँ (Misconceptions) लेकर आते हैं। प्रभावी उपचारात्मक शिक्षण में पहले इन धारणाओं को पहचानकर प्रमाण, प्रयोग और तर्क के माध्यम से चुनौती दी जाती है, फिर वैज्ञानिक अवधारणा को स्पष्ट किया जाता है। इससे वैचारिक परिवर्तन (Conceptual Change) अधिक प्रभावी ढंग से होता है।

26. पानी का कौन-सा गुण सबसे अच्छी तरह यह समझाता है कि इसे ‘सार्वभौमिक विलायक’ क्यों कहा जाता है?

(A) शुद्ध जल सदैव रंगहीन, स्वादहीन और गंधहीन होता है।
(B) यह पृथ्वी पर असीमित मात्रा में उपलब्ध है।
(C) अपनी ध्रुवीय प्रकृति के कारण, यह अधिकांश अन्य द्रवों की तुलना में अधिक पदार्थों को घोल सकता है।
(D) सभी द्रवों में इसका क्वथनांक सबसे अधिक होता है।

व्याख्या
सही उत्तर: (C) अपनी ध्रुवीय प्रकृति के कारण, यह अधिकांश अन्य द्रवों की तुलना में अधिक पदार्थों को घोल सकता है। : : व्याख्या : जल के अणु ध्रुवीय (Polar) होते हैं। इसकी ध्रुवीयता के कारण यह अनेक आयनिक और ध्रुवीय पदार्थों को घोलने में सक्षम होता है। इसी कारण जल को सामान्यतः ‘सार्वभौमिक विलायक (Universal Solvent)’ कहा जाता है। हालांकि, यह प्रत्येक पदार्थ को नहीं घोलता।

27. ब्लूम की संशोधित टैक्सोनॉमी के अनुसार, कौन सा क्रम संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं के निम्न स्तरीय से उच्च-स्तरीय चिंतन कौशल की ओर बढ़ने को सही ढंग से दर्शाता है?

(A) ज्ञान → बोध → अनुप्रयोग → संश्लेषण → मूल्यांकन → विश्लेषण
(B) अवलोकन → याद करना → अभ्यास → दोहराना → परीक्षण → रिपीट
(C) अवलोकन → समझना → करना → लागू करना → विश्लेषण करना → सृजन करना → मूल्यांकन
(D) याद रखना → समझना → लागू करना → विश्लेषण करना → मूल्यांकन करना → सृजन करना

व्याख्या
सही उत्तर: (D) याद रखना → समझना → लागू करना → विश्लेषण करना → मूल्यांकन करना → सृजन करना : : व्याख्या : ब्लूम की संशोधित टैक्सोनॉमी (Revised Bloom’s Taxonomy) में संज्ञानात्मक कौशल निम्न से उच्च स्तर की ओर इस क्रम में बढ़ते हैं—याद रखना → समझना → लागू करना → विश्लेषण करना → मूल्यांकन करना → सृजन करना। इसमें सृजन (Create) उच्चतम स्तर का चिंतन कौशल है।

28. निम्नलिखित में से कौन-सा एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का एक उदाहरण है?

(A) स्प्रेडशीट प्रोग्राम
(B) ऑपरेटिंग सिस्टम
(C) डिवाइस ड्राइवर
(D) BIOS

व्याख्या
सही उत्तर: (A) स्प्रेडशीट प्रोग्राम : : व्याख्या : एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software) ऐसे प्रोग्राम होते हैं जो उपयोगकर्ता के विशेष कार्यों को पूरा करने में सहायता करते हैं। स्प्रेडशीट प्रोग्राम जैसे Excel का उपयोग डेटा दर्ज करने, गणना करने, तालिका बनाने और डेटा का विश्लेषण करने के लिए किया जाता है। इसलिए यह एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का उदाहरण है।

29. रफ एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (RER) संरचनात्मक और कार्यात्मक रूप से स्मूद एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (SER) से भिन्न होता है क्योंकि RER:

(A) इसकी झिल्ली की सतह पर राइबोसोम होते हैं और यह प्रोटीन संश्लेषण का स्थल है
(B) स्व-प्रतिकृति के लिए इसमें अपना स्वयं का वृत्ताकार DNA होता है
(C) इसमें प्रकाश संश्लेषक वर्णकों वाली थाइलाकोइड झिल्लियां होती हैं
(D) इसमें क्रिस्टी होते हैं और यह ऑक्सीडेटिव फ़ॉस्फ़ोरिलेशन के माध्यम से ATP का संश्लेषण करता है

व्याख्या
सही उत्तर: (A) इसकी झिल्ली की सतह पर राइबोसोम होते हैं और यह प्रोटीन संश्लेषण का स्थल है : : व्याख्या : रफ एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (RER) की बाहरी झिल्ली की सतह पर राइबोसोम जुड़े होते हैं। इसलिए यह मुख्यतः प्रोटीन संश्लेषण और उनके परिवहन से संबंधित होता है। इसके विपरीत, SER पर राइबोसोम नहीं होते और यह मुख्यतः लिपिड संश्लेषण तथा विषहरण जैसे कार्यों में भूमिका निभाता है।

30. रेयॉन को एक अर्ध-संश्लेषित रेशा के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, क्योंकि इसे निम्नलिखित से निर्मित किया जाता है:

(A) रेशम के कीड़े के कोकून से प्राप्त प्रोटीन
(B) लकड़ी के गूदे से निकाला गया सेलुलोज
(C) पेट्रोलियम से प्राप्त सिंथेटिक रसायन
(D) पॉलिएस्टर और नायलॉन का मिश्रण

व्याख्या
सही उत्तर: (B) लकड़ी के गूदे से निकाला गया सेलुलोज : : व्याख्या : रेयॉन (Rayon) एक अर्ध-संश्लेषित (Semi-synthetic) रेशा है। इसे प्राकृतिक स्रोत से प्राप्त सेलुलोज, मुख्यतः लकड़ी के गूदे (Wood Pulp), को रासायनिक प्रक्रिया द्वारा संसाधित करके बनाया जाता है। इसलिए इसमें प्राकृतिक कच्चे पदार्थ और रासायनिक प्रसंस्करण दोनों शामिल होते हैं।

Main Topics Covered

इस Set 1 में दिए गए प्रश्नों के आधार पर मुख्य विषय:

भौतिक विज्ञान

  • ध्वनि एवं तरंगदैर्ध्य
  • वेग का विमीय सूत्र
  • लेंस की क्षमता एवं डायोप्टर
  • स्टीफन-बोल्ट्ज़मैन नियम
  • विद्युत क्षेत्र
  • स्प्रिंग की प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा
  • चुंबकीय बल
  • प्रतिरोध एवं श्रेणी क्रम
  • आवेग

रसायन विज्ञान

  • कार्बन की कैटेनेशन
  • पृथ्वी की भूपर्पटी में धातुओं की प्रचुरता
  • अम्लीय वर्षा
  • थर्मोप्लास्टिक एवं थर्मोसेटिंग प्लास्टिक
  • बेकिंग सोडा
  • जल की ध्रुवीयता एवं सार्वभौमिक विलायक
  • रेयॉन एवं अर्ध-संश्लेषित रेशा

जीव विज्ञान

  • संघ आर्थोपोडा की विशेषताएँ
  • टैक्सोनोमिक पदानुक्रम
  • लेगहीमोग्लोबिन
  • प्रकाश-संश्लेषण एवं स्टोमेटा
  • यीस्ट में अवायवीय श्वसन
  • रफ एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम

विज्ञान शिक्षण / Pedagogy

  • आगमनात्मक तर्क
  • वैज्ञानिक ज्ञान की प्रकृति
  • स्पाइरल पाठ्यक्रम
  • संकल्पना मानचित्र
  • वैचारिक परिवर्तन एवं भ्रांतियाँ
  • ब्लूम की संशोधित टैक्सोनॉमी

10. Practice Guidance

इस सेट को हल करते समय केवल उत्तर याद करने के बजाय अवधारणा और उसके पीछे का वैज्ञानिक कारण समझने पर ध्यान दें। भौतिक विज्ञान के प्रश्नों में सूत्र और इकाइयों का अभ्यास करें, जबकि रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान में परिभाषाओं, प्रक्रियाओं तथा विशेषताओं को आपस में जोड़कर पढ़ें।

विज्ञान शिक्षण से संबंधित प्रश्नों में Inductive Reasoning, Spiral Curriculum, Concept Map, Conceptual Change और Revised Bloom’s Taxonomy जैसी अवधारणाओं के अर्थ और उनके प्रयोग को समझना महत्वपूर्ण है।

FAQ

Q1. UPTET Science Set 1 में कितने प्रश्न हैं?

इस Science Practice Set में 30 प्रश्न हैं।

Q2. UPTET Science Set 1 में कौन-कौन से विषय शामिल हैं?

इसमें भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और विज्ञान शिक्षण से संबंधित प्रश्न शामिल हैं।

Q3. क्या इस सेट में Science Pedagogy के प्रश्न भी हैं?

हाँ। इसमें आगमनात्मक तर्क, स्पाइरल पाठ्यक्रम, संकल्पना मानचित्र, वैचारिक परिवर्तन और ब्लूम की संशोधित टैक्सोनॉमी जैसे विज्ञान-शिक्षण विषयों पर प्रश्न हैं।

Q4. क्या प्रश्नों के साथ उत्तर और व्याख्या दी गई है?

हाँ। सभी प्रश्नों के साथ सही उत्तर और Explanation दिया गया है।

Q5. क्या यह UPTET Science की तैयारी के लिए Practice Set है?

हाँ। यह सेट दिए गए Science और Science Teaching विषयों की प्रश्न-आधारित अभ्यास और पुनरावृत्ति के लिए तैयार किया गया है।