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1.बुद्ध के जीवन की किस घटना को ‘महाभिनिष्क्रमण’ के रूप में जाना जाता है?
(a) उनका महापरिनिर्वाण
(b) उनका जन्म
(c) उनका गृहत्याग
(d) उनका प्रबोधन
उत्तर : (c) : व्याख्या : महाभिनिष्क्रमण’ बुद्ध के जीवन की उस घटना को कहा जाता है, जब उन्होंने अपने घर, परिवार और राजसी जीवन को छोड़कर संन्यास लेने का निर्णय लिया। इसे “गृहत्याग” भी कहा जाता है और यह घटना बौद्ध धर्म के इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस घटना के बाद ही बुद्ध ने आत्मज्ञान की प्राप्ति के लिए साधना शुरू की थी।
2. निम्नलिखित में से कौन एक अशोक का अभिलेख इस परंपरा की पुष्टि करता है कि गौतम बुद्ध का जन्म लुंबिनी में हुआ था?
(a) बसाढ़ स्तंभ अभिलेख
(b) निगाली सागर स्तंभ अभिलेख
(c) रामपुरवा स्तंभ अभिलेख
(d) रुम्मिनदेई स्तंभ अभिलेख
उत्तर : (d) :
व्याख्या : रुम्मिनदेई स्तंभ अभिलेख अशोक द्वारा स्थापित एक महत्वपूर्ण अभिलेख है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि गौतम बुद्ध का जन्म लुंबिनी में हुआ था।
रुम्मिनदेई स्तंभ अभिलेख का विवरण:
•यह अभिलेख नेपाल के कपिलवस्तु जिले में स्थित लुंबिनी क्षेत्र में पाया गया है।
•सम्राट अशोक ने अपने शासनकाल के 20वें वर्ष में लुंबिनी की यात्रा की थी।
•इस अभिलेख में अशोक ने यह उल्लेख किया है कि उन्होंने भगवान बुद्ध के जन्मस्थान (लुंबिनी) की पहचान की और इस पवित्र स्थल की स्मृति में करों में छूट प्रदान की।
•अभिलेख की भाषा प्राकृत और लिपि ब्राह्मी है।
अभिलेख में उल्लेखित प्रमुख बातें:
1.अशोक ने लुंबिनी को भगवान बुद्ध के जन्मस्थान के रूप में प्रमाणित किया।
2.इस क्षेत्र के लोगों को कर में छूट (लगभग 1/8 हिस्सा) दी गई।
3.यह अभिलेख बुद्ध के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों की ऐतिहासिकता की पुष्टि करता है।
✅ इसलिए सही उत्तर (d) रुम्मिनदेई स्तंभ अभिलेख है।
3. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिये कूट के द्वारा सही उत्तर का चयन करें-
सूची-1 (बौद्ध संगीति) | सूची-II (स्थल) |
(A) प्रथम (483 ई.पू.) | 1. राजगृह (बिहार) |
(B) द्वितीय (383 ई.पू.) | 2. वैशाली (बिहार) |
(C) तृतीय (250 ई.पू.) | 3. पाटलिपुत्र (बिहार) |
(D) चतुर्थ (प्रथम शताब्दी) | 4. कुण्डलवन |
कूट :ABCD
(a)2134
(b)4321
(c)1243
(d)1234
उत्तर : (d) :
व्याख्या : यह बौद्ध संगीति और उनके स्थानों के सुमेलन का सही उत्तर है:
•प्रथम संगीति (483 ई.पू.) – राजगृह (बिहार)
•द्वितीय संगीति (383 ई.पू.) – वैशाली (बिहार)
•तृतीय संगीति (250 ई.पू.) – पाटलिपुत्र (बिहार)
•चतुर्थ संगीति (प्रथम शताब्दी) – कुण्डलवन
यह संगीतियां बौद्ध धर्म के सिद्धांतों और अनुशासन को और मजबूत करने के लिए आयोजित की गई थीं।
4.निम्न में से कौन-सा एक कथन सहीं नहीं है?
(a) भद्रबाहु ने मगध के राजा उदयन के काल में कल्पसूत्र की रचना की
(b) महावीर ने ऋजुपालिका नदी के तट पर कैवल्य ज्ञान प्राप्त किया
(c) जैन धर्म लिच्छवियों का राज्य धर्म बन गया था।
(d) हरिभद्र एक जैन विद्वान था जो 9वीं शताब्दी में जीवित था।
उत्तर : (a) :
व्याख्या : यह कथन गलत है क्योंकि भद्रबाहु ने मगध के राजा उदयन के काल में नहीं, बल्कि चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में कल्पसूत्र की रचना की थी।
अन्य कथन सही हैं:
•महावीर ने ऋजुपालिका नदी के तट पर कैवल्य ज्ञान प्राप्त किया।
•जैन धर्म लिच्छवियों का राज्य धर्म बन गया था।
•हरिभद्र एक जैन विद्वान था जो 9वीं शताब्दी में जीवित था।
5.निम्नलिखित में से किस राजवंश के अभिलेख से इस परंपरा का समर्थन होता है कि लुंबिनी शाक्यमुनि बुद्ध का जन्म स्थान था?
(a) मौर्य
(b) शुंग
(c) सातवाहन
(d) कुषाण
उत्तर : (a) : व्याख्या : मौर्य राजवंश के अशोक के अभिलेख से यह परंपरा समर्थित होती है कि लुंबिनी शाक्यमुनि बुद्ध का जन्म स्थान था। अशोक ने अपने शिलालेख में लुंबिनी में बुद्ध का जन्म होने का उल्लेख किया था। यह एक महत्वपूर्ण प्रमाण है जो इस परंपरा को मान्यता देता है। अन्य विकल्पों में यह जानकारी नहीं मिलती।
6.जैन-धर्म का सैद्धान्तिक पक्ष क्या है?
(a) स्यादवाद्
(b) द्वैतवाद
(c) निर्वाण
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर : (a) : व्याख्या : स्यादवाद जैन धर्म का एक महत्वपूर्ण सैद्धांतिक सिद्धांत है। यह सिद्धांत ‘सभी वस्तुएं और घटनाएं’ अलग-अलग दृष्टिकोणों से विभिन्न रूपों में अस्तित्व रखती हैं। इसके अनुसार किसी भी वस्तु को एक निश्चित दृष्टिकोण से ही समझा जा सकता है, और हर बात के बारे में अलग-अलग परिपेक्ष्य से अलग-आधारित विचार हो सकते हैं। इसे “अहिंसा, सत्य, और सार्वभौमिकता” के सिद्धांत से जोड़ा जाता है। द्वैतवाद, निर्वाण आदि अन्य विचार जैन धर्म के हिस्से नहीं हैं।
7.सुमेलित करें-
सूची-I (बौद्ध संगीति) | सूची-II (समकालीन शासन) |
(A) प्रथम बौद्ध संगीति | 1. अशोक |
(B) द्वितीय बौद्ध संगिति | 2. कनिष्क |
(C) तृतीय बौद्ध संगीति | 3. अजात शत्रु |
(D) चतुर्थ बौद्ध संगिति | 4. कालाशोक |
कूट :ABCD
(a)1234
(b)4321
(c)3412
(d)2341
उत्तर : (c) :
व्याख्या : • प्रथम बौद्ध संगीति (A)-अजात शत्रु
यह संगीति लगभग 483 ई. पू. में राजगृह में आयोजित की गई थी, जब अजात शत्रु मगध का शासक था।
• द्वितीय बौद्ध संगीति (B) – कालाशोक
यह संगीति लगभग 383 ई. पू. में वैशाली में आयोजित की गई थी, जब कालाशोक मगध का शासक था।
• तृतीय बौद्ध संगीति (C) – अशोक
यह संगीति लगभग 250 ई. पू. में पाटलिपुत्र में आयोजित की गई थी, और इसका आयोजन सम्राट अशोक के शासन काल में हुआ था।
• चतुर्थ बौद्ध संगीति (D) – कनिष्क
यह संगीति लगभग 1वीं शताब्दी के आसपास कुण्डलवन में कनिष्क के शासनकाल में आयोजित की गई थी।
8.निम्न में से कौन-सा एक बौद्ध केन्द्र बुद्ध के जीवनकाल में उनसे सीधे रूप में संबद्ध नहीं था?
(a) सारनाथ
(b) उरुवेला
(c) राजगृह
(d) सांची
उत्तर : (d) :
व्याख्या : • सारनाथ – यह वह स्थान था जहाँ बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था। यह बौद्ध धर्म के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है और बुद्ध के जीवनकाल से जुड़ा हुआ है।
• उरुवेला – यह वह स्थान था जहाँ बुद्ध ने तपस्या की और फिर उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई। यह स्थान भी उनके जीवनकाल से संबंधित है।
• राजगृह – यह वह स्थान था जहाँ बुद्ध ने कई महत्वपूर्ण उपदेश दिए थे और यहाँ कई बौद्ध संघों की बैठकें हुई थीं। यह भी बौद्ध धर्म से संबंधित है।
• सांची – सांची बौद्ध धर्म का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, लेकिन यह बुद्ध के जीवनकाल में नहीं था। यह स्थान बाद में बौद्धों द्वारा विकसित किया गया था और इसका प्रमुख विकास अशोक के काल में हुआ था।
9.देश में निम्न में से किसने मूर्ति पूजा की नींव रखी थी?
(a) जैन धर्म ने
(b) बौद्ध धर्म ने
(c) आजीविकों ने
(d) वैदिक धर्म ने
उत्तर : (b) : व्याख्या : बुद्ध का जन्म लुंबिनी में हुआ था, जो वर्तमान में नेपाल में स्थित है। लुंबिनी एक महत्वपूर्ण बौद्ध स्थल है, जहाँ बुद्ध का जन्म हुआ था और इसे बौद्ध धर्म में बहुत महत्व प्राप्त है।
10.निम्नलिखित में से किसे ‘एशिया के ज्योति पुंज’ के तौर पर जाना जाता हैं?
(a) गौतम बुद्ध को
(b) महात्मा गांधी को
(c) महावीर स्वामी को
(d) स्वामी विवेकानंद को
उत्तर : (a) : व्याख्या : गौतम बुद्ध को “एशिया के ज्योति पुंज” के रूप में जाना जाता है, क्योंकि उनके जीवन और शिक्षाओं ने एशिया सहित पूरे विश्व में गहरे प्रभाव डाले। उनकी उपदेशों से बौद्ध धर्म का प्रसार हुआ, जिसने अनेक देशों में जीवन और दर्शन को प्रभावित किया।
11.सुमेलित करें-
सूची-1 (पिटक) | सूची-II (संबंधित विषय) |
(A) सुत्त पिटक | 1. दार्शनिक विवेचन |
(B) विनय पिटक | 2. बुद्ध के उपदेश |
(C) अभिधम्म पिटक | 3. संघ संहिता |
कूट :ABC
(a)123
(b)321
(c)231
(d)132
उत्तर : (c) :
व्याख्या :
•सुत्त पिटक: बुद्ध के उपदेश (2)
•विनय पिटक: संघ संहिता (3)
•अभिधम्म पिटक: दार्शनिक विवेचन (1)
यह पिटक बौद्ध धर्म के तीन प्रमुख भाग होते हैं और इनमें बुद्ध की शिक्षाओं, संघ की नियमावली और दार्शनिक तत्त्वों पर विस्तार से चर्चा की गई है।
12. गौतम बुद्ध का जन्म कब हुआ था
(a) 563 ई. पू.
(b) 558 ई. पू.
(c) 561 ई. पू.
(d) 544 ई. पू.
उत्तर : (a) : व्याख्या : 563 ई. पू.
13.आलार कालाम कौन थे-
(a) बुद्ध के एक शिष्य
(b) एक प्रथम बौद्ध भिक्षु
(c) बुद्ध के एक गुरू
(d) एक शासक जिन्होनें बौद्ध धर्म के लिए राजपाट त्यागा था।
उत्तर : (c) : व्याख्या : आलार कालाम बुद्ध के एक गुरु थे। वे एक प्रसिद्ध योगी और दार्शनिक थे, जिन्होंने सिद्धि प्राप्ति के लिए ध्यान की शिक्षा दी थी। बुद्ध ने आलार कालाम से ध्यान और साधना की शिक्षा ली थी, लेकिन जब उन्होंने अपने मार्ग को आत्मज्ञान की प्राप्ति के लिए सर्वोत्तम नहीं माना, तो वे उन्हें छोड़कर अपने मार्ग पर चल पड़े।
14.बुद्ध के जीवन की किस घटना को ‘महाभिनिष्क्रमण’ के रूप में जाना जाता है?
(a) उनका महापरिनिर्वाण
(b) उनका जन्म
(c) उनका गृहत्याग
(d) उनका प्रबोधन
उत्तर : (c) : व्याख्या : ‘महाभिनिष्क्रमण’ का अर्थ है बुद्ध का गृहत्याग। यह घटना उस समय हुई जब गौतम बुद्ध ने अपने राजा पिता शुद्धोधन के महल और संसार के बंधनों को त्यागकर आत्मज्ञान प्राप्त करने के लिए घर छोड़ दिया। यह घटना उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ थी, जिसे ‘महाभिनिष्क्रमण’ के रूप में जाना जाता है।
15.निम्नलिखित में से कौन-सा सद्गुण तीर्थकर पार्श्वनाथ द्वारा उपदिष्ट चतुर्याम धर्म में महावीर द्वारा जोड़ा गया?
(a) सत्य
(c) ब्रह्मचर्य
(b) अहिंसा
(d) अस्तेय
उत्तर : (c) : व्याख्या : महावीर द्वारा जोड़ा गया सद्गुण ब्रह्मचर्य है। जैन धर्म के पहले तीर्थकर पार्श्वनाथ ने चतुर्याम धर्म (सत्य, अहिंसा, अस्तेय और अपरिग्रह) का उपदेश दिया था, जबकि महावीर ने इसके साथ ब्रह्मचर्य (ब्रह्मचर्य का पालन) को जोड़ा।
16. निम्नलिखित में से किस राजा के एक अभिलेख से सूचना मिलती है कि शाक्यमुनि बुद्ध का जन्म लुंबिनी में हुआ था?
(a) अशोक
(c) हर्ष
(b) कनिष्क
(d) धर्मपाल
उत्तर : (a) : व्याख्या : अशोक के एक अभिलेख से यह सूचना मिलती है कि शाक्यमुनि बुद्ध का जन्म लुंबिनी में हुआ था। यह अभिलेख लुंबिनी में स्थित है और इसमें अशोक ने बुद्ध के जन्म स्थान के रूप में लुंबिनी का उल्लेख किया है।
17. किस शासन के काल में चतुर्थ बौद्ध संगीति का आयोजन कश्मीर में हुआ था ?
(a) अशोक
(c) कनिष्क
(b) कालाशोक
(d) अजातशत्रु
उत्तर : (c) : व्याख्या : चतुर्थ बौद्ध संगीति का आयोजन कनिष्क के शासनकाल में कश्मीर में हुआ था। यह संगीति बौद्ध धर्म के पंथों के बीच एकजुटता और धम्म के सही व्याख्यान के लिए आयोजित की गई थी।
18. बुद्ध कौशाम्बी किसके राज्य-काल में आए थे?
(a) शतानीक
(b) उदयन
(c) बोधि
(d) निचक्षु
उत्तर : (b) : व्याख्या : बुद्ध कौशाम्बी में उदयन के राज्यकाल में आए थे। उदयन के शासनकाल में बुद्ध ने अपने उपदेश दिए और वहां की जनता को धर्म की राह पर चलने के लिए प्रेरित किया।
19.गौतम बुद्ध ने अपनी मृत्यु के उपरांत बौद्ध संघ के नेतृत्व के लिए निम्न में से किसे नामित किया था?
(a) आनंद
(b) महाकस्सप
(c) उपालि
(d) वल्स
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर : (d) : व्याख्या : गौतम बुद्ध ने अपनी मृत्यु के उपरांत बौद्ध संघ के नेतृत्व के लिए महाकस्सप को नामित किया था। महाकस्सप को संघ के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया और उन्होंने बौद्ध धर्म के नियमों और सिद्धांतों का पालन करने का कार्य किया।
20. गौतम बुद्ध का महापरिनिब्बान जिस राज्य में हुआ था, वह है
(a) अंग
(b) मगध
(c) मल्ल
(d) चेदी
उत्तर : (c) : व्याख्या : महापरिनिब्बान (Mahaparinirvana) वह स्थिति है जब गौतम बुद्ध ने अपने शरीर को छोड़कर अंतिम मुक्ति (निर्वाण) प्राप्त किया। इसे बौद्ध धर्म में बुद्ध का अंतिम विश्राम या मृत्यु के बाद की स्थिति माना जाता है। बुद्ध के जीवन के अंतिम समय में, जब वह कुशीनगर (मल्ल राज्य) में थे, उन्होंने अपने शिष्यों को उपदेश दिया और अपने शरीर को त्यागने की घोषणा की। महापरिनिब्बान का अर्थ होता है “अंतिम निर्वाण” यानी जीवन और मृत्यु के चक्र से पूरी तरह मुक्ति। यह वह अवस्था है जहां व्यक्ति का पुनर्जन्म समाप्त हो जाता है और उसे पूरी शांति और निर्वाण की प्राप्ति होती है। यह घटना बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह बुद्ध के जीवन के अंतिम क्षणों और उनके उपदेशों के समापन का प्रतीक है।
21.भारतीय कला में बुद्ध के जीवन की किस घटना का चित्रण ‘मृग सहित चक्र’ द्वारा हुआ हैं?
(a) महाभिनिष्क्रमण
(b) संबोधि
(c) प्रथम उपदेश
(d) निर्वाण
उत्तर : (c) : व्याख्या : ‘मृग सहित चक्र’ चित्र में बुद्ध के पहले उपदेश, जिसे ‘धर्मचक्र प्रवर्तन’ कहा जाता है, का चित्रण किया जाता है। यह घटना उस समय की है जब बुद्ध ने सारनाथ में पांच भिक्षुओं को अपने पहले उपदेश के माध्यम से धर्म का चक्र घुमाया। इस चित्र में मृग (सार) और चक्र (धर्मचक्र) का प्रतीक रूप से उपयोग किया जाता है, जो इस महत्वपूर्ण घटना को दर्शाता है।
22. महापरिनिर्वाण मंदिर अवस्थित हैं-
(a) कुशीनगर में
(b) सारनाथ में
(c) बोधगया में
(d) श्रावस्ती में
उत्तर : (a) : व्याख्या : महापरिनिर्वाण मंदिर कुशीनगर, उत्तर प्रदेश में स्थित है। यह वही स्थान है जहाँ गौतम बुद्ध ने महापरिनिर्वाण (अपने शरीर का अंतिम त्याग) प्राप्त किया था। इस मंदिर में बुद्ध की शयन मुद्रा में स्थित एक विशाल प्रतिमा भी है, जो उनके महापरिनिर्वाण के समय की प्रतीक है।
23. ‘सप्तपर्णी गुफा’ स्थित है –
(a) सांची में
(b) नालंदा में
(c) राजगृह में
(d) पावापुरी में
उत्तर : (c) : व्याख्या : सप्तपर्णी गुफा’ राजगृह (वर्तमान में बिहार राज्य में स्थित) में स्थित है। यह गुफा बौद्ध धर्म के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखती है क्योंकि यहाँ पर बुद्ध के अनुयायियों ने प्रथम बौद्ध संगीति (483 ई. पू.) का आयोजन किया था।
24. निम्नलिखित राज्यों में से किनका संबंध बुद्ध के जीवन से था?
1. अवंति
3. कोसल
2. गांधार
4. मगध
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
(a) 1,2 और 3
(b) 2 और 4
(c) केवल 3 और 4
(d) 1,3 और 4
उत्तर : (d) :
व्याख्या : बुद्ध के जीवन से संबंधित राज्य थे:
1.अवंति – यहां के राजा, जैसे उदयन, बुद्ध के समकालीन थे।
2.कोसल – यहां के राजा, प्रसेनजीत, बुद्ध के साथ संबंध रखते थे।
3.गांधार – यह क्षेत्र बुद्ध के जीवनकाल में विभिन्न धार्मिक चर्चाओं और बौद्ध धर्म के प्रसार का स्थान था।
4.मगध – बुद्ध के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा था और यहां के राजा बिम्बिसार और अजातशत्रु से उनका संबंध था।
इसलिए, सही उत्तर है (d) 1, 3 और 4।
25. सुमेलित करें-
सूची-1 (महात्मा बौद्ध के) | सूची-II (घटनाओं के प्रतीक) जीवन की घटनाएं) |
(A) जन्म | 1. घोड़ा |
(B) गृहत्याग | 2. कमल एवं सांड |
(C) निर्वाण | 3. धर्मचक्र या चक्र |
(D) प्रथम धर्मोपदेश | 4. स्तूप |
(E) महापरिनिर्वाण | 5. बोधिवृक्ष |
कूट :ABCDE
(a)12345
(b)45231
(c)21534
(d)34215
उत्तर : (c) :
व्याख्या : सुमेलित घटनाएं:
•(A) जन्म → 2. कमल एवं सांड
•(B) गृहत्याग → 1. घोड़ा
•(C) निर्वाण → 5. बोधिवृक्ष
•(D) प्रथम धर्मोपदेश → 3. धर्मचक्र या चक्र
•(E) महापरिनिर्वाण → 4. स्तूप
26.गौतम बुद्ध द्वारा अपने धर्म में दीक्षित किया जाने वाला अंतिम व्यक्ति निम्नलिखित में से कौन था ?
(a) आनंद
(b) सारिपुत्त
(c) मोग्गलान
(d) सुभद्द
उत्तर : (d) : व्याख्या : सही उत्तर है: (d) सुभद्द गौतम बुद्ध द्वारा अपने धर्म में दीक्षित किया जाने वाला अंतिम व्यक्ति सुभद्द थे।
27. बुद्ध द्वारा रूपांतरित निम्न व्यक्तियों में से कौन-सा अंतिम था?
(a) आनंद
(c) गोशल
(b) वसुमित्र
(d) सुभद्द
उत्तर : (d) : व्याख्या : गौतम बुद्ध द्वारा रूपांतरित किए गए व्यक्तियों में सुभद्द अंतिम थे।
28. प्रथम बौद्ध परिषद का संचालन निम्नलिखित में से किस एक ने किया?
(a) आनंद
(b) महाकस्सप
(c) मोग्गलिपुत्त
(d) उपालि
उत्तर : (b) : व्याख्या : प्रथम बौद्ध परिषद का संचालन महाकस्सप ने किया था।
29. बुद्ध ने अपने जीवन की अंतिम वर्षा ऋतु कहां बिताई थी?
(a) श्रावती में
(b) वैशाली में
(c) कुशीनगर में
(d) सारनाथ में
उत्तर : (b) : व्याख्या : बुद्ध ने अपने जीवन की अंतिम वर्षा ऋतु वेजी (Vesali) में बिताई थी।
30.आलार कालाम कौन थे ?
(a) बुद्ध के एक शिष्य
(b) एक प्रतिष्ठित बौद्ध भिक्षु
(c) बुद्धकालीन एक शासक
(d) बुद्ध के एक गुरु
उत्तर : (d) : व्याख्या : आलार कालाम गौतम बुद्ध के एक गुरु थे। वे एक प्रसिद्ध योगी और ध्यान शिक्षक थे। बुद्ध ने आलार कालाम से ध्यान की शिक्षा ली थी, लेकिन उन्होंने इस मार्ग को छोड़ दिया क्योंकि उन्हें यह मार्ग पूरी तरह से आत्मज्ञान की प्राप्ति के लिए पर्याप्त नहीं लगा। बाद में, उन्होंने उज्जैन के सत्यकामा से और ध्यान साधना की और फिर निर्वाण की ओर अग्रसर हुए।
31. कनिष्क के शासनकाल में बौद्ध सभा किस नगर में आयोजित की गई थी ?
(a) मगध
(b) पाटलिपुत्र
(c) काश्मीर
(d) राजगृह
उत्तर : (c) : व्याख्या : कनिष्क के शासनकाल में बौद्ध सभा कश्मीर के कश्मीर के शहीर नगर (जिसे हम वर्तमान में जम्मू और कश्मीर के क्षेत्र में मानते हैं) में आयोजित की गई थी। यह सभा चतुर्थ बौद्ध संगीति के नाम से प्रसिद्ध है, जो लगभग 1वीं शताब्दी के आसपास हुई थी। इस संगीति का आयोजन बौद्ध धर्म के अनुयायियों द्वारा धर्म के शुद्ध रूप को बनाए रखने के लिए किया गया था, और इसमें बौद्ध धर्म के धर्मशास्त्रों का संग्रह और वर्गीकरण किया गया था।
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और भी अच्छे प्रश्नो का संग्रह तैयार किया जा रहा है आप सभी पेज को विजिट करते रहे धन्यवाद
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